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  • Priyanka Kumari Became Second State Topper After 10 Hours Of Study, Sagar, Son Of Grocery Shopkeeper, Ranked Fourth In The State

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मैट्रिक रिजल्ट:10 घंटे पढ़ाई कर प्रियंका कुमारी बनी सेकंड स्टेट टॉपर किराना दुकानदार के बेटे सागर को सूबे में चौथा स्थान

औरंगाबाद13 दिन पहले
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  • जिले के पांच छात्रों ने टाॅप टेन में जगह बनाई, प्रियंका के पिता एलआईसी एजेंट, प्रियंका बोली-आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हूं

कड़ी मेहनत और कुछ कर गुजरने का पक्का इरादा तो सफलता हर हाल में मिलती है। आप किसके घर पैदा हुए आैर आप कहां पढ़ रहे हैं, ये मायने नहीं रखता। कामयाबी अमीरी का मोहताज नहीं होता। मैट्रिक के रिजल्ट में जिले के छात्र-छात्राओं ने इसे साबित कर दिया। बेहद औसत और गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले एक छात्रा और चार छात्रों ने सफलता के परचम लहराकर सूबे में टॉप टेन में अपना स्थान हासिल किया। एलआईसी एजेंट संतोष कुमार यादव की बेटी बारूण प्रखंड के बटूरा गांव की रहने वाली प्रियंका ने सूबे में 483 अंक लाकर दूसरा स्थान हासिल की है। वहीं गोह में एक छोटे से किराना दुकान चलाने वाले धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता के बेटे सागर ने 481 अंक लाकर पूरे सूबे में चाैथा स्थान हासिल किया है। वहीं दाउदनगर के ऑटो चालक संतोष कुमार के बेटे शुभम चौरसिया ने सूबे में आठवां स्थान हासिल किया है। स्टेट के टॉप टेन में जिले के पांच शामिल हैं। जिनमें चार छात्र व एक छात्रा शामिल है।

प्रियंका ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकार पायी सफलता

10 घंटे की सेल्फ स्टडी से प्रियंका ने पूरे सूबे में मैट्रिक में दूसरा स्थान हासिल करने की गौरव प्राप्त की है। प्रियंका के पिता संतोष कुमार यादव एलआईसी एजेंट हैं, जबकि माता विमला देवी गृहणी है। प्रियंका बारूण प्रखंड के बटूरा गांव की रहने वाली है। जबकि ओबरा के कारा वित्त रहित हाई स्कूल की छात्रा है। कारा में ही वह काेचिंग करती है। उसने बतायी कि लॉकडाउन में उसे काफी परेशानी हुई, लेकिन वह इस मुश्किल परिस्थिति को अवसर में बदलने के लिए मेहनत दोगुनी कर ली थी। 10 घंटे सेल्फ स्टडी करती थी। बोर्ड के पूरा सिलेबस समय से पहले खत्म कर ली थी। उसे सोशल मीडिया बिल्कुल पसंद नहीं। उसका मानना है कि सोशल प्लेटफॉर्म स्टूडेंट को भटकाते हैं। हालांकि डिजीटल तरीके से पढ़ना वह पसंद करती है। वह आईएएस बन देश सेवा करना चाहती है।
डिफेंस में जाकर देश सेवा करना चाहता है विपीन

रफीगंज प्रखंड के लुकागढ़ हाई स्कूल का छात्र विपीन कुमार 477 अंक लाकर सूबे में आठवां स्थान हासिल किया है। उसके पिता रामश्रय शर्मा एक छोटे किसान हैं। जबकि माता आशा देवी गृहणी। आठ से दस घंटा की कड़ी मेहनत से विपीन को यह सफलता मिली है। वह सोशल मीडिया से बिल्कुल दूर रहता है। वह सेल्फ स्टडी के जरिए पढ़ाई की। हालांकि लॉकडाउन में डिजीटल तरीके से जरूर पढ़ा। वह सेना में कर्नल बनना चाहता है। जदयू जिला महासचिव सुरजीत सिंह ने विपीन को बधाई दी।

आठ घंटें की कड़ी मेहनत से सागर ने पाई यह सफलता

गोह में एक छोटा किराना की दुकान चलाने वाले धर्मेन्द्र गुप्ता के बेटे सागर ने सफलता के झंडा पूरे सूबे में गाड़ा। वह 481 अंक लाकर सूबे में चौथा स्थान हासिल किया है। उसकी मां रंजू देवी गृहणी है। वह हरीगांव हाई स्कूल का छात्र है। सफलता का श्रेय केबीएम क्लासेस के गुरू कुंदन सिंह, राहुल सिंह और माता-पिता को दिया। उसने बताया कि घर की माली हालत उसे सालता है, लेकिन वह अपने पिता की मेहनत देखकर पढ़ाई में खूब मन लगाता था। वह आगे आईआईटी इंजीनियर बनना चाहता है।
शुभम ने कहा-सफलता अमीरी की मोहताज नहीं होती

दाउदनगर में ऑटो चलाने वाले संतोष कुमार का बेटा शुभम चौरसिया ने अपने सफलता से पिता का सिर उंचा कर दिया है। शुभम 477 अंकर लाकर पूरे सूबे में 8वां स्थान हासिल किया है। उसकी मां मीरा देवी गृहणी है। उसके पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए कर्ज लेकर ऑटाे खरीदे हैं। रिजल्ट निकला तो उसके पिता ने ऑटो में बैठकर बेटे और पत्नी के साथ मंदिर में पूजा की। शुभम ने बताया वह आईएएस बनना चाहता है। ऑटो पर बैठकर समाज में संदेश दूं कि सफलता अमीरी का मोहताज नहीं होता।

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