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रिव्यू कमेटी:विचाराधीन कैदियों के आवेदन पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी रिव्यू कमेटी

औरंगाबाद शहर20 दिन पहले
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  • सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित की गई पुनर्विचार आयोग की बैठक

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी शरण के अध्यक्षता में बुधवार को पुनर्विचार आयोग की स्थापना की गई। यह आयोग विचाराधीन कैदियों के आवेदन पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी। बैठक में डीएम सौरभ जोरवाल, एसपी सुधीर कुमार पोरीका, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रणव शंकर, सिविल सर्जन डॉ अकरम अली तथा जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना तथा नालसा के निर्देशानुसार पुनर्विचार आयोग का गठन किया गया है।

बैठक में आयोग के गठन के साथ-साथ विचाराधीन कैदियों के आवेदन पर गंभीरता पूर्वक विचार किया गया। साथ ही अपराधिक क्षति प्रतिकर परिषद की बैठक आयोजित की गई।जिसमें तेजाब पीड़िता, रेप पीड़िता एवं अन्य के द्वारा प्राप्त आवेदनों पर मुआवजा प्रदान करने से संबंधित कार्यवाही पर चर्चा की गई। न्यायालयों से संबंधित विभिन्न वादों के पीड़ित जिन्होंने आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में मुआवजा हेतु भेजा है, वैसे पीड़ितों के आवेदन पर विचार किया गया। इस दौरान कुछ पीड़ितों को मुआवजा के योग्य पाया गया है।

आपराधिक क्षति पूर्ति हेतु अग्रेत्तर कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने का निर्णय परिषद् द्वारा लिया गया। बैठक में जिन पीड़ितों की पहचान प्रतिकर दिये जाने हेतु की गयी है उन्हें जितनी जल्दी हो सके मुआवजा प्रदान करने हेतु अग्रेत्तर कार्रवाई किया जाए ताकि ससमय पीड़ितों को इसका लाभ मिल सके। सत्र न्यायाधीश ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा विभिन्न मामलों में पीड़ित को मुआवजा प्रदान किया

जाता है और इससे सम्बन्धित आवेदन पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित थाना द्वारा अग्रेसित कर जिला विधिक सेवा प्राधिकार में भेजा जाता है। सम्बन्धित पीड़ित द्वारा स्वयं भी प्राधिकार के कार्यालय में सम्बन्धित दस्तावेज के साथ आवेदन प्रस्तुत किया जाता है तो इसपर पीड़ित की सामाजिक, आर्थिक स्थिति की जांचोपरान्त इसपर विचार किया जाता है।

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