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जानकारी:कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संजीवनी है टीका, अफवाह पर न दंे ध्यान, लें वैक्सीन

औरंगाबाद17 दिन पहले
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  • गांव में अधिकारी पहुंचकर टीकाकारण के लिए लोगों को कर रहे हैं जागरूक

कोरोना वैक्सीनेश की गति को बढ़ाने को लेकर लगतार प्रयास किए जा रहे हैं। 45+ के उपर के लोगों को टीका लगाने के लिए गांवों में वैक्सीनेशन एक्सप्रेस भी दौड़ाई जा रही है। पर उसके बावजूद टीका लेने में लोग रूची नहीं दिखा रहे हैं। जिस कारण से 45+ के उपर के टीकाकरण अभियान में जिला फिसड्‌डी है। इसको ध्यान में रखते हुए अधिकारी गांवों में जाकर टीकाकरण को लेकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।

उन्हें बताया जा रहा है कि देश में बनी कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। शरीर पर इसका किसी तरह का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। कोरोना से बचाव की लड़ाई में यह सबसे संजीवनी है। इसलिए डरे नहीं और बेझिझक होकर कोरोना का टीका लगवाएं। टीका को लेकर फैली भ्रांतियों को तोड़ने की कोशिश की जा रही। इसके बावजूद लोगों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता की कमी दिख रही।

डोर टू डोर घूमकर पदाधिकारियों ने वैक्सीन लेने के लिए किया जागरूक
वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए ओबरा प्रखंड के सभी पदाधिकारी डोर टू डोर जाकर लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिस गांव में लोगों के बीच वैक्सीनेशन के प्रति भ्रम फैला हुआ है। इस दौरान रविवार को बीडीओ राजू कुमार व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विक्रम सिंह सहित अन्य मेडिकल टीम ने प्रखंड के सोनहुली पंचायत अंतर्गत सभी गांवो में टीम के माध्यम से डोर टू डोर लोगों से मिलकर वैश्विक महामारी को रोकथाम हेतु कोविड-19 का टीका लेने के लिए लोगों कोप्रेरित किया।

पहले खुद वैक्सीन लगवाकर जीविका दीदी लोगों में जगा रहीं है विश्वास

कोरोना माहामारी से बचाव के लिए ग्रामीणों को वैक्सीन लेने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा।जिसके लिए प्रखंड स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जिसमें जीविका दीदी भी शामिल है।ग्रामीणों के बीच वैक्सीनेशन के लिए जागरुकता फैलाने के जीविका दीदीयों ने अनूठा तरीका अपनाया है। रविवार को प्रखंड के अहियापुर पंचायत के सलेमपुर, हैबसपुर, मौआरी, दुर्गापुर औऱ झाम बिगहा में टीका एक्सप्रेस टीकाकरण के लिए भेजा गया। ग्रामीणों को टीकारण के लिए जीविका को प्रेरित करने का जिम्मा दिया गया।

लेकिन ग्रामीणों में फैले तरह -तरह के अफवाह के कारण ग्रामीण टीका लेने से इनकार कर रहे थे। टीकाकरण को सफल बनाने के लिए जीविका दीदीयों ने पहले खुद टीका लगवाया। उसके बाद अपने परिजनों को भी टीका लगवाया। जिससे प्रभावित होकर ग्रामीण टीका लेने के लिए राजी हुए। जीविका दीदी समीमा खातून, रूखसाना खातून, असग़री खातून, सोनाझरी देवी, चंदिया देवी, गंगिया देवी, रजांति देवी, सरस्वती देवी, सुमिंत्रा देवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीका को लेकर काफी भ्रांतियां फैली हुई है। रविवार को कुल 55 लोगों का टीकाकरण किया गया।

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