पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जागरुकता:कोविड टीकाकरण से जुड़ी अफवाहों से रहें दूर दोनों डोज के लिए आगे आएं सभी : सिविल सर्जन

औरंगाबाद16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • वैक्सीन लेने के बाद सैनिकों के बेहोश होने के वीडियो वायरल होने के बाद पीआइबी ने फर्जी बताया

जिलेभर में कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। अधिकाधिक लोगों का टीकाकरण आसानी से हो सके, इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सत्र स्थल बनाए गए हैं, जहां मेगा कैंप का आयोजन गया है। यहां कोविड टीकाकरण की पहली व दूसरी खुराक दी जा रही है।

इस बीच सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड टीकाकरण को लेकर कई भ्रांतियां भी पहुंच रही हैं। लेकिन टीकाकरण से जुड़ी भ्रातियां और अफवाहों को नजरअंदाज करना जरूरी है। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ. कुमार वीरेन्द्र प्रसाद ने कही।

उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण 18 से अधिक आयुवर्ग के सभी लोगों के लिए उपलब्ध है। यह टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। टीकाकरण की दोनों खुराक महत्वपूर्ण है।

वायरल हो रहा वीडियो गलत, कोरोना से बचाव में टीका पूरी तरह से कारगर
सिविल सर्जन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सैनिकों को दिखाया गया है, जो बेहोश हो गए हैं। साइबर अपराधियों द्वारा इस वीडियो को वायरल कर लोगों में यह अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है कि देश के फौजियों ने वैक्सीन लगवाई और जब वो दौड़ रहे थे तो बहुत लोग बेहोश हो गए।

साथ ही मैसेज में यह कहा गया है कि कई को दिल का दौरा पड़ा और कई फैजियों ने दम तोड़ दिया। इसका कारण कोविड वैक्सीनेशन बताया गया है। जो कि पूरी तरह गलत है। कोरा अफवाह है। इसे इग्नोर करने की जरूरत है।

अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध
सीएस ने कहा गलत अफवाह को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो से सिरे से खारिज किया है और अपनी वेबसाइट के माध्यम से जानकारी देते हुए इस दावा को फर्जी बताया है। पीआइबी से आमलोगों को स्पष्ट किया है कि इस वीडियो का कोविड वैक्सीनेशन से कोई संबंध नहीं है।

पीआईबी ने इस वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सैनिकों के लिए आयोजित एक ट्रेनिंग का हिस्सा है। जिसमें भीषण गर्मी व उमस के कारण कुछ सैनिक बेहोश हो गए थे। ऐसे किसी प्रकार के वीडियो को अन्य लोगों के साथ साझा नहीं करें। साइबर एक्ट के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाना दंडनीय अपराध है।

खबरें और भी हैं...