खेतीबाड़ी:कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत को किया जा सकता है कम, होगी आमदनी

औरंगाबाद3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी - Dainik Bhaskar
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी
  • कृषि विज्ञान केन्द्र सिरिस में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 13वीं बैठक का हुआ आयोजन

कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत को कम किया जा सकता है। इसलिए किसान इसका लाभ उठाएं। उक्त बातें शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र सिरिस में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 13वीं बैठक को संबोधित करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों ने कही। समारोह का उद्घाटन अटारी पटना के निदेशक डॉ अंजनी कुमार सिंह, सह- निदेशक प्रसार शिक्षा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के अध्यक्ष डॉ आर. एन. सिंह, व विशिष्ट अतिथि कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ एस. बी. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान डॉ नित्यानंद ने सभी अतिथियों को बुके देकर स्वागत किया।

इसके बाद पिछले वर्ष की बैठक में दिए गए निर्देश के अनुपालन हेतु उठाए गए कदमों की विस्तृत चर्चा की। जिसके समीक्षा वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्यों व अध्यक्ष के द्वारा किया गया। जिला में किसानों की खेती से जुड़े समस्याओं के परिप्रेक्ष्य में अनुसंधान पश्चात समाधान ढूंढने पर विचार विमर्श किया गया। आगामी वर्ष की कार्य योजना की रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन केंद्र वैज्ञानिक डॉ आलोक भारती ने किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान के वैज्ञानिक पंकज कुमार सिन्हा, इं रवि रंजन कुमार, डॉ संगीता मेहता, डॉ अनूप कुमार चौबे , दिनेश कुमार, गणेश प्रसाद,अरविंद कुमार, राकेश कुमार, हरेराम, आनंद कुमार, रूपम कुमारी, प्रगतिशील किसान बृजकिशोर मेहता, महेश वर्मा,नीरज कुमार, मुकेश कुमार, श्रीकांत, संगीता के अलावा अन्य गणमान्य कृषक उपस्थित रहे।

खेती में किसान कृषि यंत्रों का करें उपयोग
कहा कि खेतीबाड़ी के कार्यों को सुगमतापूर्वक करने में कृषि यंत्रों की भूमिका काफी अहम होती जा रही है। वर्तमान में अधिकांश किसान परंपरागत तरीके से खेती की जगह आधुनिक तरीके से खेती का कार्य करने लगे हैं। इससे कृषि यंत्रों और मशीनों का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है। कृषि यंत्रों का उपयोग करने से खेती की लागत को कम किया जा सकता है।

वहीं श्रम और समय भी कम खर्च होता है। किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र् और राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर किसानों को कई योजनाओं के माध्यम से कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है। को खेतीबाड़ी के काम में उपयोग में आने वाले यंत्रों की सुलभ पहुंच किसानों तक बढ़ाने के लिए कृषि बैंक योजना शुरू है। ज्यादा से ज्यादा किसान कृषि यंत्रों का उपयोग खेती में करें।

अधिकारियों सहित कृषि वैज्ञानिकों ने रखी अपनी राय, आधुनिक तरीके से खेती करने पर दिया जोर

जल संरक्षण को लेकर क्षेत्र के किसानों को करें जागरूक, इससे सशक्त बनेंगे
जिले में फसलों की ऐसी प्रजाति जिसमे न्यूट्रिशनल वैल्यू ज्यादा हो। उन प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाए तथा जल सरंक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाया जाए। किसानों को ड्रिप सिंचाई पद्धति का इस्तेमाल करने कको लेकर प्रेरित करें। डीएओ रणवीर सिंह ने कहा की कृषि विभाग, आत्मा और कृषि विज्ञान केन्द्र संयुक्त रूप से किसानों के हित मे कार्य कर रहा है और आगे भी सशक्त रूप से किसानों के हित मे कार्य करेंगे। जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो । निदेशक आत्मा ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से जिला में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे वे लाभान्वित होते हैं।

किसान उत्पादन समूह का कराएं गठन
जिले में किसान उत्पादन समूह का गठन कराएं। ताकि इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिल सके। खेती में लागत कम कर आय बढ़ाने के लिए लगातार नए सुधार किए जा रहे हैं। इसके तहत जैविक खेती के साथ कृषि के व्यवसायीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। इस के तहत किसानों के समूह (एफपीओ) बनाकर खेती को बढ़ावा दें। किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए कृषक उत्पादन संगठन और ब्लॉक स्तर पर समूह का गठन किया जाएगा।

कृषि कार्य के लिए लोन उपलब्ध कराने पर जोर
एलडीएम ने कृषकों को कृषि संबंधित कार्य के लिए ऋण मुहैया कराने को लेकर हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। बैठक में उपस्थित प्रगतिशील कृषकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अध्यक्ष के समक्ष रखा। जिसे अध्यक्ष के आदेश अनुरूप अगले वर्ष की कार्य योजना में शामिल किया गया।

खबरें और भी हैं...