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गृह-नक्षत्र:10 जून को वट सावित्री पूजा व साल का पहला सूर्यग्रहण

औरंगाबाद नगर18 दिन पहले
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  • सूर्यग्रहण का देश में रहेगा आंशिक असर, सावित्री-सत्यवान की पुण्यकथा सुनने से विषेश फल की होती है प्राप्ति

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 जून, गुरुवार को पड़ रही है। इस दिन सुहागिनों का सबसे बड़ा त्यौहार वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा। साथ ही साथ खगोलीय घटना सूर्य ग्रहण भी इस दिन लगने वाला है। यह एक सूर्य ग्रहण होगा। जो आंशिक रूप से भारत में दिख सकता है। ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। क्योंकि यह ग्रहण कई जगह पर भारत में नहीं

दिखेगा ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। दरअसल, कोई भी ग्रहण हिंदू धर्म में अशुभ माना गया है। इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। मंदिरों के कपाट बंद रखने चाहिए. पूजा पाठ अनुष्ठान करना भी वर्जित हो जाता है।ग्रहण की समाप्ति के बाद घर व खुद को गंगा जल से शुद्ध करना चाहिए। साथ ही साथ दान पुण्य भी करना चाहिए।

वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन रखा जाता

हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन रखा जाता है। महिलाएं प्रत्येक वर्ष वट सावित्री व्रत का इंतजार करती हैं। इस व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत पति की दीर्घायु और संतान के उज्जवल भविष्य के लिए रखा जाता है। माता सावित्री की कथा तो लगभग सभी ने सुनी होगी। वट सावित्री व्रत करने से सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और संतान की प्राप्ति होती है।

वट सावित्री व्रत की पूजन सामग्री में सावित्री-सत्यवान की मूर्तियां, धूप-दीप, घी, फल-फूल, बांस का पंखा, लाल कलावा, कच्चा सूत, सुहाग का सामान, पूड़ि‍यां, बरगद का फल, भिगोया हुआ चना, जल से भरा कलश आदि शामिल हैं। वट सावित्री व्रत के दिन स्नान आदि से निवृत होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद वट सावित्री व्रत और पूजा का संकल्प लें। माता सावित्री और सत्यवान की पूजा करें। साथ ही जल से वटवृक्ष को सींचे और कच्चा धागा वटवृक्ष के चारों ओर लपेट दें। इस दौरान उसकी तीन बार परिक्रमा करें। बड़ के पत्तों के गहने बनाएं और उसे पहनकर सावित्री-सत्यवान की पुण्यकथा को सुनें।

वट सावित्री 2021 व्रत मुहूर्त
व्रत तिथि: 10 जून 2021, दिन गुरुवार
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का प्रारंभ 9 जून 2021 को दोपहर 01:57 बजे से हो रहा है, जिसका समापन 10 जून 2021 को शाम 04:22 बजे होगा।
व्रत पारण: 11 जून 2021, दिन शुक्रवार
सूर्य ग्रहण की तिथि: 10 जून 2021, गुरुवार
सूर्य ग्रहण का समय आरंभ: दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से
सूर्य ग्रहण का समय समाप्त: शाम 6 बजकर 41 मिनट तक

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