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आंदोलन:15 तक मांगों को नहीं मानने पर कोर्ट जाएंगे वार्ड सचिव

अंबा16 दिन पहले
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  • अंबा में आयोजित संघ की बैठक में लिया गया निर्णय, मानदेय सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन

अगर 15 जुलाई से पहले वार्ड सचिवों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वार्ड सचिव संघ के सदस्य सरकार के विरुद्ध आंदोलन तेज करेंगे तथा अपनी मांगों को लेकर न्यायालय की शरण में जाएंगे।उक्त निर्णय बुधवार को अंबा के देव रोड स्थित बटाने नदी के तट पर स्थित महादलित सामुदायिक भवन के प्रांगण में आयोजित बैठक में ली गई है। बैठक की अध्यक्षता संघ के जिला उपाध्यक्ष विभाष कुमार राय तथा संचालन प्रदेश

उपाध्यक्ष परमहंस कुमार रवि ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस एससी एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अजय राम ने कहा कि कुटुंबा विधायक राजेश कुमार ने राज्य भर के वार्ड सचिव को मानदेय तथा स्थायीकरण की मांग को लेकर सदन में आवाज बुलंद किया था। इसके बाद सरकार के पक्ष से कपिलदेव कामत ने इससे संबंधित फाइल केंद्र को भेजने की बात कही थी। लेकिन फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पढ़े लिखे बेरोजगार युवा सरकार के झांसे में आकर कार्य करते रहे।

कई वर्ष बीत जाने के बाद भी मानदेय तक नहीं मिला : लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो मानदेय मिला नहीं सरकारी कर्मी का दर्जा दिया गया। सरकार की गलत नीतियों के कारण दूसरे प्रदेशों में नौकरी करने वाले पढ़े-लिखे लोग गांव में फंसे रहे। जिसके कारण वे भुखमरी के शिकार हो गए। उपाध्यक्ष ने कहा कि संघ अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।

अगर आवश्यकता पड़ा तो वार्ड सचिव संघ आत्मदाह को भी तैयार रहेंगे। मीडिया प्रभारी नरेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि वार्ड सचिवों ने अपना बहुमूल्य समय देकर सरकार की महत्वकांक्षी योजना को सफल बनाया है। लेकिन इसके बदले में सचिवों को कुछ नहीं मिला। उन्होंने सेवा स्थाई किए जाने तथा मानदेय की मांग को दोहराते हुए वार्ड सचिव को सरकारी कर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे।

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