धान अधिप्राप्ति में पिछड़ा जिला:औरंगाबाद में 53 दिनों के अंदर महज 29.6 % हुई धान की खरीद

औरंगाबाद14 दिन पहले
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  • 84 पैक्स व 11 व्यापार मंडल में की जा रही है धान की खरीद

धान अधिप्राप्ति शुरू हुए लगभग दो महीने होने वाले हैं। लेकिन अब भी धान अधिप्राप्ति में तेजी नहीं आई है। वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि जिला बार लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच पाएगा। 184 पैक्स में 11 व्यापार मंडलों के माध्यम से बीते 53 दिनों में सिर्फ 73841 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जो कि अपने कुल लक्ष्य का महज 29.6 प्रतिशत ही है। यह आंकड़े विभाग के ही पोर्टल पर अपडेट किए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के लिए जिले में कुल 2.5 लाख मिट्रिक टन लक्ष्य रखा गया है। जबकि 15 फरवरी तक ही धान अधिप्राप्ति किया जाना है।

अब इतने कम समय में लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल सा लग रहा है। हालांकि इस वर्ष लक्ष्य को भी घटा दिया गया है। पिछले वर्ष धान खरीद के लिए कुल लक्ष्य तीन लाख मिट्रिक टन रखा गया था। इस वर्ष धान का उत्पादन ठीक-ठाक होने के बावजूद भी लक्ष्य को घटाकर 2.5 लाख मिट्रिक टन कर दिया गया। धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने को लेकर अब तक कई बार जिला टास्क फोर्स की बैठक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी धान अधिप्राप्ति में तेजी नहीं आई है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी श्रिंद्र कुमार के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

धान अधिप्राप्ति के लिए जिला में कुल 41423 किसानों ने किया है ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
जिले के 11 प्रखंडों में धान बेचने के लिए कुल 41423 किसानों ने आवेदन किया है। इनमें से 12725 रैयत तथा 28698 गैर रैयत कृषक हैं। 37975 किसानों ने विभिन्न पैक्सों में तथा 3448 किसानों ने व्यापार मंडल में धान बेचने के लिए आवेदन किया है। इसके एवज में अभी तक 7670 किसानों से ही धान की खरीद हो पाई है। क्रय केंद्रों द्वारा धान नहीं खरीदे जाने के कारण किसान बिचौलियों के हाथों धान बेचने को मजबूर हैं। खुले बाजार में किसानों का धान 1400 से 1450 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। जबकि इस वर्ष सामान्य धान का सरकारी न्यूनतम मूल्य 1940 रुपए तथा ग्रेड ए धान का न्यूनतम मूल्य 1960 रुपए रखा गया है। सरकार की सख्ती के बावजूद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। खुले बाजार में धान बेचने वाले किसानों को लगभग 400 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

व्यापारी या बिचौलियाें की संलिप्तता पर होगी कार्रवाई
धान अधिप्राप्ति वर्ष 2021-22 में विभिन्न पैक्सों द्वारा धान खरीद की जा रही है। पंजीकृत किसानों से ही धान की खरीद की जानी है ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। इसके लिए डीएम सौरभ जोरवाल ने आवश्यक निर्देश जारी किया है। डीसीओ तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों को अस्पष्ट निर्देश दिया गया है कि धान अधिप्राप्ति में व्यापारी या बिजोलिया की संलिप्तता नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषी पाए जाने वाले पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने धान अधिप्राप्ति में विभागीय प्रावधानों का अक्षरशः पालन किए जाने का निर्देश दिया है।

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