आक्रोश / बलिया में दूध और सब्जी, तो बखरी में वेलकम किट के लिए प्रवासी मजदूरों ने क्वारेंटाइन सेंटर पर किया हंगामा

Milk and vegetables in Ballia, then migrant laborers create ruckus at Quarantine Center for Welcome Kit in Bakhari
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Milk and vegetables in Ballia, then migrant laborers create ruckus at Quarantine Center for Welcome Kit in Bakhari

  • स्कूलों में आइसोलेट किए गए मजदूरों ने कहा- आलू-सोयाबीन खाकर मन भर गया, अब हमलोगों को मिलनी चाहिए सब्जी

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बलिया. बलिया प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय नुर जमापुर के क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे मजदूरों ने समय पर खाना नहीं मिलने के कारण जमकर हंगामा किया। मजदूरों ने थाली पीट-पीटकर प्रशासनिक व्यवस्था का विरोध भी किया। क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती मजदूरों ने बताया कि विगत 18 मई से हम लोग यहां रह रहे हैं। इस बीच एक भी दिन हरी सब्जी खाने में नहीं दी गई है। प्रत्येक दिन दोनों वक्त के भोजन में आलू एवं सोयाबीन ही दी जाती है एक ही सब्जी खा खाकर मन उकता चुका है।

मजदूरों ने बताया कि हम लोगों को दूध भी नहीं मिल रहा है। सेंटर में साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था का घोर आभाव है। प्रत्येक कमरा में पंखा नहीं है। हमलोगों का चिकित्सकीय जांच भी प्रत्येक दिन नहीं किया जाता है। ऐसी परिस्थिति में स्वस्थ मजदूर भी बीमारी के शिकार हो सकते हैं। बता दें कि बलिया के विभिन्न पंचायतों के 17 विद्यालयों में तैयार किये गये क्वारेंटाइन सेंटर में मजदूरों की संख्या 13 सौ के करीब है। जबकि 350 मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर से घर भेजा जा चुका है।

सभी सेंटरों पर भोजन सामग्री पहुंचाने की जिम्मेवारी बलिया के गल्ला व्यापारी को मिला है। इस संबंध में मध्य विद्यालय नूर जमापुर के एचएम विनोद महतों ने बताया कि हमारे विद्यालय में बने क्वारेंटाइन सेंटर में कुल 51 मजदूर रह रहे हैं। इन मजदूरों के लिए एक भी दिन हरी सब्जी हमें उपलब्ध नहीं कराई गई है। मजदूर द्वारा दूध मांगा जाता है, जो कि हमें उपलब्ध ही नहीं कराया गया है।
सभी को मिलता है पूरा खाना
इस संबंध में अंचला अधिकारी अमृतराज बंधु ने बताया कि सभी मजदूरों को एक सामान खाना दिया जाना है। नूर जमापुर सेंटर पर मजदूरों को हरी सब्जी व दूध नहीं मिलने की शिकायत मिली है। जिस खामी को आज से दूर कर लिया जायेगा। दूध की उपलब्धता नहीं होने के कारण मजदूरों को दूध नहीं मिल पा रहा था। सेंटर पर हरी सब्जी देने की जिम्मेवारी किराना दुकानदार मनोज चौधरी को दी गई है।        
10 क्वारेंटाइन सेंटर पर 941 प्रवासी आवासित  140 लोगों ने क्वारेंटाइन अवधि किया पूरा
एक युवक में कोरोना पाॅजेटिव की पुष्टि होते ही क्वारेंटाइन केन्द्र पर उसके साथ रह रहे सात लोगों को शुक्रवार को सैंपलिंग हेतु बेगूसराय भेजा गया है। वहीं 89 नए प्रवासियों को पंजीकृत कर उन्हें विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया है। प्रखंड क्षेत्र में फिलहाल बनाए गए 10 क्वारेंटाइन सेंटर में कुल 941 प्रवासियों को प्रशासन द्वारा आवासित करवाया गया है। अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 140 प्रवासी अपनी क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण कर चुके हैं। जबकि उत्क्रमित मध्य विद्यालय हिन्दी सावंत में 65, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय शाहपुर पतला में 145, मध्य विद्यालय अमारी तथा मटिहानी में 125-125, मध्य विद्यालय परोड़ा में 73, ऐजनी में 109, सिंहमा में 107, बरैपुरा में 90, शेखाटोल में 60, तथा पनसल्ला में 42 प्रवासी क्वारेंटाइन हैं।
सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जाना क्वारेंटाइन सेंटर का हाल, जानकारियां लीं
मटिहानी प्रखंड मुख्यालय से 200 मीटर की दूरी पर श्री विजय राघव आदर्श राजकीय कृत मध्य विद्यालय बदलपुरा में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रह रहे प्रवासी मजदूरों से वहां की विधि व्यवस्था के बारे में जानकारी ली क्वारेंटाइन सेंटर पर रह रहे प्रवासी मजदूरों ने स्वास्थ्य और साफ सफाई एवं भोजन से संबंधित में सारी जानकारी मुख्यमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जाना। मौके पर एडीएम मोहम्मद बलालुद्दीन, सदर एसडीओ संजीव चौधरी, वीडियो भुवनेश मिश्र, सीओ उपेन्द्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संतोष कुमार झा, स्वास्थ्य प्रबंधक श्रीमोद कुमार, मटिहानी थाना अध्यक्ष माधव कुमार, एसआई गोरेलाल सिंह, कुमुद रंजन, जेएसएस प्रियदर्शन शर्मा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं प्रखंड कर्मी मौजूद थे।
बखरी के क्वारेंटाइन सेंटर पर कुव्यवस्था के खिलाफ श्रमिकों ने किया हंगामा
राटन पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय ध्यान चक्की क्वारेंटाइन सेंटर में कुव्यवस्था के खिलाफ श्रमिकों ने जमकर  हंगामा मचाया। उक्त सेंटर पर रह रहे श्रमिक घाघरा निवासी कृति पासवान,हेमनपूर निवासी प्रदीप महतो,सिमरी निवासी कन्हैया कुमार,अकहा निवासी मो.नियाज,ममक्खाचक निवासी मो नईम आदि ने बताया कि उन लोगों को बीते 20 मई को यहां लाया गया था। लेकिन यहां रहने सहने,खाने पीने तथा शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है।

कुल 60 लोगों में से सिर्फ 35 लोगों को वेलकम किट दिया गया। जिससे उनलोगों को यहां काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खाना भी समय पर नहीं दिया जाता। जबकि जो खाना दिया गया वह भी काफी घटिया किस्म का है। दूसरी ओर मध्य विद्यालय जय लख में भी तीन बजे तक खाना नहीं दिए जाने के कारण मजदूरों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए खाने से इनकार कर दिया। इधर इस बाबत सीओ से पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

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