महिलाओं के विकास में सोच बन रही बाधा:महिला हिंसा रोकने के लिए बीहट में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने रखे अपने-अपने विचार

बरौनी2 महीने पहले
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बीहट में महिला हिंसा पर आयोजित चर्चा में भाग लेतीं महिलाएं। - Dainik Bhaskar
बीहट में महिला हिंसा पर आयोजित चर्चा में भाग लेतीं महिलाएं।

न्याय को हासिल करने के लिए कानूनी सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। अपने अधिकारों को समझने, उन्हें लागू करवाने और अधिकारों के उल्लंघन को रोकने में कानूनी साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये बातें वन स्टॉप सेंटर सह बेगूसराय महिला हेल्पलाइन की प्रोटेक्शन ऑफिसर वीणा कुमारी ने जर्मनी एम्बेसी द्वारा पोषित संस्था मार्ग द्वारा बीहट में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। कहा कि महिलाएं कानूनी सशक्तिकरण से ही सक्रिय, सतर्क और सशक्त हो सकती हैं। उन्होंने महिला हेल्पलाइन द्वारा महिलाओं के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। संस्था के प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटर अभिनव कुमार ने बताया कि मल्टीपल एक्शन रिसर्च ग्रुप मार्ग दिल्ली स्थित एक गैर-सरकारी संगठन है।

मार्ग कमजोर और वंचित, महिलाओं, बच्चों, विकलांग व्यक्तियों, दलितों और गरीबों आदि के कानूनी सशक्तिकरण के लिए काम करता है। मार्ग द्वारा लिंग-संवेदनशील पुरुष न्याय साथी के माध्यम से घरेलू हिंसा का मुकाबला करके महिलाओं के जीवन और लैंगिक समानता के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए चार राज्यों बिहार, उड़ीसा, केरल और हरियाणा में परियोजना चलाई जा रही है। इस दौरान जानकारी दी गई कि अगर महिलाओं का विकास करना है, तो पुरुषों की सोच को हमें विकसित करना होगा। इसके बिना यह संभव नहीं हो सकता है।

चर्चा में 30 महिलाओं ने लिया हिस्सा
बैठक के दौरान समूह चर्चा में बेगूसराय के मल्हीपुर, पंचवीर और सादपुर पंचायत की 30 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यशाला में महिला संरक्षण अधिनियम 2005 को प्रभावी बनाने के लिए उपस्थित महिलाओं के बीच ओपन डिबेट भी किया गया। मौके पर कार्यक्रम का संचालन मनीष राज ने किया। जबकि मौके पर रिसोर्स पर्सन मानसी दुबे, महिला थाना के एसआई दिलीप कुमार प्रभात, डॉ कुंदन कुमार, बिपिन कुमार राज, पीटीसी किरण कुमारी, राखी कुमारी, अंकित कुमार, इंद्रजीत कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

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