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सड़क निर्माण:अधिकारियों ने दिलचस्पी नहीं ली, श्रमदान से ग्रामीणों ने अब शुरू किया सड़क निर्माण

बरबीघाएक महीने पहले
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जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बाद श्रमदान कर सड़क बनाते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बाद श्रमदान कर सड़क बनाते ग्रामीण।

जहां चाह होता है वहां राह खुद ही दिखाई देने लगता है। इस कहावत को बरबीघा प्रखंड के जगदीशपुर गांव के ग्रामीणों ने भी चरितार्थ कर दिखाया। बरबीघा प्रखंड कार्यालय से गांव को जोड़ने वाली सड़क में लगभग आधा किलोमीटर सड़क इस तरह से जर्जर हो चुकी थी कि हमेशा लोगों को दुर्घटनाओं का भय रहता था।

जिसके वजह से ग्रामीण उस रास्ते को छोड़ते हुए करीब 2 किलोमीटर अधिक दूरी तय करते हुए आवागमन किया करते थे। इसके लिए क्षेत्रीय सांसद से लेकर स्थानीय विधायक तक से अनेकों बार ग्रामीण गुहार लगा-लगा कर थक चुके थे। लेकिन बार-बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। जिला के वरीय पदाधिकारियों का ध्यान भी ग्रामीणों द्वारा इस ओर अनेकों बार आकृष्ट कराए जा चुके थे, किंतु इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद ग्रामीण खुद एक बैठक कर आपस में चंदा इकट्ठा करते हुए श्रमदान के जरिए सड़क निर्माण के लिए आगे आये।

सके बाद एकत्रित किए गए राशि से ईट और मोरंग मंगाया गया तथा गांव के लोग श्रमदान के जरिए सड़क बनाने में जुट गए हैं। ग्रामीण वेद प्रकाश, केदार प्रसाद, मुरारी रावत, रविंद्र प्रसाद, दिनेश प्रसाद, मनोज कुमार, सुनील कुमार, नरेश प्रसाद इत्यादि ने बताया कि अगर हम लोग इस बार सड़क नहीं बना पाते तो हमारे गांव का संपर्क प्रखंड कार्यालय से खत्म हो जाता। क्योंकि इस सड़क पर कोई वाहन क्या पैदल चलना भी मुश्किल था।

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