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पहला फेज पूरा:बाढ़ के अलावा जलजमाव से भी हुई फसल क्षति पर मिलेगा मुआवजा : उपमुख्यमंत्री

बेगूसराय5 दिन पहले
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बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री रेणु देवी व अन्य। - Dainik Bhaskar
बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री रेणु देवी व अन्य।
  • पूरे राज्य में तीन हजार 786 करोड़ की फसल क्षति का आकलन किया गया है
  • कुल 94 पंचायत पूर्ण रूप से जबकि 23 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित

अब केवल बाढ़ प्रभावित किसानों को ही नहीं बल्कि जलजमाव से जिन किसानों के फसलों की क्षति हुई है उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ को लेकर एक फेज का आंकलन हो चुका है। जिसमें पूरे राज्य में तीन हजार 786 करोड़ का फसल क्षति का आंकलन किया गया है। अब दूसरे फेज का आंकलन काफी जोर शोर से चल रहा है। उक्त बातें बाढ़ को लेकर हुई क्षति का जायजा लेने बेगूसराय पहुंची प्रभारी मंत्री सह उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने कही।

जिले में 34244 हेक्टेयर भूमि बाढ़ प्रभावित, 4150.23 लाख रुपए का हुआ है अनुमानित फसल क्षति
मालूम हो कि वर्ष 2021 के दौरान बाढ़/अतिवृष्टि से अबतक कुल 13 प्रखंडों जैसे बेगूसराय, बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, शाम्हो, मटिहानी, बलिया, एस.कमाल, वीरपुर, खोदावंदपुर, छौड़ाही, बखरी और मंसूरचक प्रभावित हुआ था। इन प्रखंडों के कुल 94 पंचायत पूर्ण रूप से जबकि 23 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित है।

इस दौरान कुल तीन लाख 47 हजार 200 व्यक्ति 59 हजार 610 पशु प्रभावित हुए। उन्होंनें बताया कि जिले में बाढ़/अतिवृष्टि से अबतक 34 हजार 244 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि प्रभावित है। क्षतिग्रस्त फसलों का अनुमानित मूल्य 4150.23 लाख रुपए आंका गया है।

राज्य सरकार आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। सरकार का हमेशा प्रयास रहा है कि आपदा प्रभावित व्यक्ति को सभी निर्धारित सहायता उपलब्ध करा दिया जाए ताकि उन्हें समान्य जीवन प्रारंभ करने में अधिक वक्त नहीं लगे।

उन्होंनें कहा कि आपदा के दौरान कोई भी प्रभावित व्यक्ति भूखा ना रहे। इसके लिए जिला प्रशासन ने काफी परिश्रम किया है। उन्होंनें कहा कि बाढ़ या अन्य आपदाओं के समय गरीब या जरूरतमंद व्यक्तियों को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। साथ ही कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रबंधन की दिशा में जनवरी 2021 से ही कार्य प्रारंभ कर दिया था। यही कारण है कि ससमय आवश्यक तैयारियों के होने से जान-माल की क्षति काफी कम हुई है।

भुगतान से संबंधित लंबित कार्यों को अविलंब पूर्ण करने का निर्देश दिया
प्रभारी मंत्री ने जिले में बाढ़/अतिवृष्टि के संबंधित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के क्रम के अनुग्रह राशि के भुगतान से संबंधित लंबित कार्यों को अविलंब पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पुल/पुलिया को अविलंब मोटरेबल बनाने का भी निर्देश दिया।

उन्होंनें बाढ़ के कारण हुई सड़क, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालय से जुड़ी अवसंचनागत और फसल क्षति से संबंधित प्रतिवेदन ग्राम पंचायत, प्रखंड और उससे संबंधित तस्वीरों के साथ विवरणी सहित समर्पित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होंनें कहा कि यह भी सुनिश्चित करें की कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहे।

मंत्री ने अनुग्रह राशि प्राप्त व्यक्तियों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि वे अपने स्तर से भी ऐसे व्यक्तियों का सत्यापन कर सके और छूटे हुए पात्र व्यक्तियों की विवरणी को राहत राशि के भुगतान के लिए संबंधित पदाधिकारी को उपलब्ध करा सकें।

बैठक में डीएम ने बताया कि बाढ़/अतिवृष्टि के कारण 90 कच्चा मकान आंशिक रुप से और एक पूर्ण रूप से जबकि 10 पक्का मकान आंशिक रूप से और दो पक्का मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। इस दौरान 130 झोपड़ी और 20 पशु शेड की भी क्षति हुई है।

बाढ़ के दौरान कुल दो व्यक्तियों और 28 पशुओं की भी असामयिक मौत हुई है। साथ ही बताया कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि का वितरण शुरू किया जा रहा है। अबतक कुल 56 हजार 916 परिवार को प्रति परिवार निर्धारित राशि छह हजार रुपए की दर से कुल 34 करोड़, 15 लाख 14 हजार का वितरण किया जा चुका है।

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