लोगों से आग्रह:कोरोना प्रोटोकॉल के तहत घर पर ही छठपूजा मनाने की प्रशासनिक पदाधिकारी की अपील

बेगूसरायएक महीने पहले
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नावकोठी बूढ़ी गंडक नदी का जायजा लेते लोग। - Dainik Bhaskar
नावकोठी बूढ़ी गंडक नदी का जायजा लेते लोग।
  • नावकाेठी के 37 घाटों में 4 प्रतिबंधित 18 खतरनाक और सिर्फ 15 सामान्य; छठघाट का मुआयना कर साफ-सफाई, रौशनी, बैरिकेटिंग आदि के लिए मुस्तैद हो गए हैं सामाजित संस्था

प्रकाश का पर्व दीपावली सम्पन्न होते ही लोगों का ध्यान लोक आस्था का महान पर्व छठ की ओर केन्द्रित हो गया है। इसकी तैयारी के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि व विभिन्न सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने लगातार छठघाट का मुआयना, साफ-सफाई, रौशनी, बैरिकेटिंग आदि के लिए मुस्तैद हो गए हैं।

बीडीओ निरंजन कुमार ने प्रखंड क्षेत्र के बूढ़ी गंडक नदी, पोखर, मोइन, काबर नहर, बूढ़ी गंडक नदी फोरी आदि का मुआयना कर आवश्यक दिशा निर्देश तथा कार्यवाही प्रारंभ कर दी। उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के सभी नौ पंचायत में कुल 37 छठपूजा के लिए बूढ़ी गंडक नदी सहित पोखर मोइन काबर नहर घाट है जहां छठव्रती अस्ताचलगामी व उदयमान भगवान भास्कर को श्रद्धा भक्ति से अर्घ्य देते हैं।

इन घाटों में महेशवाड़ा के वार्ड संख्या 6 के एक घाट तथा पहसारा पश्चिम के तीन घाटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन घाटों पर छठव्रतियों को पूजा अर्चना करने की मनाही है। 18 खतरनाक घाट है जहां नदी साइड से बैरिकेटिंग की जा रही है। 15 सामान्य घाट है। प्रशासन ने कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए छठव्रतियों को घर पर ही छठपूजा करने की अपील की।

खतरनाक घाटाें पर जाने से लगी राेक
महेशवाड़ा, वभनगामा, पहसारा, वृन्दावन, डफरपुर पूर्वी,डफर पुर पश्चिमी, कमलपुर, अब्बुपुर, छतौना, नावकोठी, हसनपुर बागर, इसफा, सिसौनी, मोहद्दीनपुर, विष्णुपुर के देवपुरा, नीरपुर, समसा, जीतपुर, बगरस, करैईटांड़ के छठव्रती बूढ़ी गंडक नदी किनारे घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं।

इसके अतिरिक्त पहसारा पश्चिम के कुछ छठव्रती पहसारा पोखर, समसा के कुछ छठव्रती समसा पोखर, रजाकपुर के छठव्रती रजाकपुर स्थित पोखर एवं मोइन, चक्का के छठव्रती चक्का पोखर, नावकोठी पंचायत के पश्चिमी मुहल्ले के लोग व बेगमपुर के लोग नावकोठी पोखर में सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

इसी प्रकार पहसारा पूर्वी पंचायत के गांव देवरा, मजनूपुर, गांधीनगर, पीरनगर के छठव्रती काबर छनहर में पूजा अर्चना करते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने खतरनाक घाटों पर जाने पर रोक लगा दी है। बूढ़ी गंडक में दोबारा पानी आने से घाटों की स्थिति गड़बड़ हो गई है।

मोईन और काबर बगरस नहर की हालत भी दयनीय
पोखरों में चितरा नक्षत्र की वर्षा से जल अधिक हो गया है। पोखरों में किनारे पर उतरते ही गहरा पानी है। इधर मोईन और काबर बगरस नहर की हालत भी दयनीय है। नहर में जलकुंभी के कारण भी छठव्रतियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

छठ पूजा को लेकर युवाओं ने घाटों की सफाई एवं घाटों पर बैरिकेटिंग करने का कार्य शुरू कर दिया है ताकि छठव्रती गहरे पानी में न जाएं। इसके लिए समितियां भी बनाई गई हैं। विभिन्न सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने नदी घाट के अतिरिक्त रास्ते की साफ-सफाई करने में जूट गए हैं।

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