बेगूसराय जेल कर्मचारी का मर्डर:PMCH में कैदी को एडमिट करा लौट रहे एंबुलेंस ड्राइवर को बदमाशों ने रोका; हाथों की नसें काटीं; एसिड पिलाया फिर घाेंट दिया गला

बेगूसराय2 वर्ष पहले
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एंबुलेंस ड्राइवर धर्मेंद्र रजक की बदमाशों ने नृशंस हत्या कर दी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
एंबुलेंस ड्राइवर धर्मेंद्र रजक की बदमाशों ने नृशंस हत्या कर दी। (फाइल फोटो)
  • घटना सुभाष चौक के पास NH 31 पर हुई
  • बेटे ने कहा- किसी से नहीं थी कोई दुश्मनी

बेगूसराय जेल के एंबुलेंस ड्राइवर की नृशंस हत्या मंगलवार सुबह सुभाष चौक के पास NH 31 पर बदमाशों ने कर दी। एंबुलेंस ड्राइवर धर्मेंद्र रजक (40 वर्ष) बीमार कैदी को PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में एडमिट कराकर वापस जेल लौट रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने रास्ते में एंबुलेंस को रुकवा दिया। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पहले धर्मेंद्र के दोनों हाथों की नसों को काटा, फिर एसिड पिलाई। इसके बाद भी मौत की तसल्ली नहीं हुई तो रस्सी से गला घोंट दिया और उसे मरा समझ छोड़कर भाग गए। तब तक पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां पहुंच गई। पुलिसवालों ने बेहोशी की हालत में धर्मेंद्र को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने घटना स्थल से रस्सी, एसिड की खाली बोतल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। धर्मेंद्र नगर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर वार्ड नंबर 38 का निवासी था। धर्मेंद मंडल कारा में पिछले 20 साल से एंबुलेंस चालक था। 5 साल पहले ही वो परमामेंट हुआ था।

बेगूसराय जेल अधीक्षक बृजेश मेहता ने बताया कि पिछले 3 महीने से जेल में बंद रामबदन सिंह (पुत्रवधू की हत्या में बंद) की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। सोमवार शाम उसे PMCH रेफर कर दिया गया था। एंबुलेंस ड्राइवर धर्मेंद्र रामबदन को भर्ती करवाकर अकेले बेगूसराय लौट रहा था। इसी दौरान सुभाष चौक के पास उसकी हत्या कर दी गई।

बेटे की मौत की खबर सुनकर बिलखते पिता।
बेटे की मौत की खबर सुनकर बिलखते पिता।

परिजन बोले- नहीं थी किसी से दुश्मनी
धर्मेंद्र के बेटे संदीप कुमार ने बताया कि सोमवार रात 9 बजे पापा ने फोन पर कहा था कि वे बेगूसराय सदर अस्पताल से बीमार कैदी को लेकर PMCH पटना जा रहे हैं। मंगलवार सुबह घर लौटेंगे। आज सुबह पुलिस ने उनकी हत्या की सूचना दी। परिजनों का कहना है कि धर्मेंद्र की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। 23 मार्च को उसकी स्कार्पियो गाड़ी घर के दरवाजे से चोरी हो गई थी। इसके बाद से वह परेशान था। अपराधियों ने बेरहमी से उसकी हत्या की है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले और हत्यारे की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे।

गुस्साए ग्रामीणों ने DM ऑफिस को घेरा
इधर, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने DM ऑफिस का घेराव किया। गुस्साए लोगों ने DM से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। लोगों का कहना है कि अपराधी को धर्मेंद्र के पटना से वापस लौटने की जानकारी कैसे मिली। धर्मेंद्र की किसी से कोई दुश्मनी नहीं भी थी, फिर क्यों और किसने उसकी हत्या की। यह जांच का विषय है। प्रशासन जल्द से जल्द हत्यारे की गिरफ्तारी करे।