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मानव शरीर का शुद्धिकरण:जिले में खुलेगा बिहार का पहला प्राकृतिक चिकित्सालय सह योग केन्द्र

बेगूसराय16 दिन पहले
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  • मिट्टी, पानी, धूप और हवा के माध्यम से शरीर का किया जाएगा शुद्धिकरण, नागदह स्थित गौ मंदिर में खुलेगा केंद्र

जिले के नागदह स्थित गौ मंदिर में बिहार का पहला समृद्ध प्राकृतिक चिकित्सालय सह योग केन्द्र खुलेगा। जहां पूर्णतः प्राकृतिक माहौल में मिट्टी, पानी, धूप व हवा के माध्यम से मानव शरीर का शुद्धिकरण किया जाएगा। पंच गव्य आयुर्वेद अनुसंधान केन्द्र परिसर में खुलने वाले नवजीवन प्राकृतिक चिकित्सालय का शुभारंभ आगामी 11 जुलाई को होगा।

जहां प्राकृतिक तरीक से चिकित्सा के साथ लोगों को योग का भी लाभ मिल सकेगा। एक साथ आहार चिकित्सा, योग, पंचकर्म, पंचगव्य, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंचर एवं फिजियो थेरेपी का मिलेगा लाभ : मालूम हो कि केंद्र के अंतर्गत कई तरह की चिकित्सा पद्धति को एक साथ जोड़ा गया है।

जिसमे आश्रम पद्धति प्रणाली, मर्म चिकित्सा, प्राकृत चिकित्सा, योग, आहार चिकित्सा, पंचकर्म, पंचगव्य, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंचर एवं फिजियो थेरेपी के माध्यम से औषध रहित उपचार किया जाएगा। इस संबंध में चिकित्सक डॉक्टर रामगोपाल ने बताया कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं।

नवजीवन प्राकृत चिकित्सालय में विभिन्न चिकित्सा पद्धति के माध्यम से व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ किया जाएगा। इतना ही नहीं लोग कैसे बीमार ही नहीं पड़े, इसके बारे में भी पौराणिक जीवन शैली, आहार-व्यवहार को भी बताया जाएगा। वहीं डॉ आर्यन ने बताया कि खासकर पंचकर्म के माध्यम से व्यक्ति के मानसिक पीड़ा को बहुत ही आसान तरीके से सशक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

प्राकृतिक तरीके से जीवन जीने की शैली बताई जाएगी

मालूम हो कि आश्रम पद्धति प्रणाली के अंतर्गत यहां आने वाले व्यक्तियों को प्राकृतिक तरीके से जीवन जीने की शैली बताई जाएगी। आज के आधुनिक युग में गलत खानपान और रहन-सहन के कारण व्यक्तियों के अंदर टॉक्सिक जमा हो गया है। उसे प्राकृत चिकित्सा और भारतीय पौराणिक आहार चिकित्सा पद्धति जिसमें भारतीय मोटा अनाज जैसे सावां, कोदो, मड़ुआ, कौनी, चीना सहित अन्य मोटा अनाज खिलाकर शरीर का शुद्धीकरण किया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक चिकित्सा का माध्यम से प्रकृति में प्रचुर मात्रा में मौजूद मिट्टी, पानी, धूप, हवा के माध्यम से शरीर के पंचमहाभूत को बैलेंस कर शरीर को निरोग किया जाएगा।

इसके अलावा नवजीवन नेचुरोपैथी सेंटर

इसके अलावा नवजीवन नेचुरोपैथी सेंटर परिसर में भारतीय नस्ल की देसी गाय की कई प्रजाति भी लोगों को देखने को मिलेगी। साथ ही लोग अपनी भारतीय सभ्यता को भी नजदीक से देख सकेंगे। इस संबंध में आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र नागदा के अध्यक्ष मदन गोपाल ने बताया कि चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ लोगों को गाय और पंचगव्य की भी जानकारी मिल सकेगी। साथ ही लोग इसका लाभ भी ले सकेंगे।

इस अवसर पर आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र के सचिव अतुल अग्रवाल ने पंचगव्य और भारतीय गाय के बारे में विस्तार से चर्चा की और बताया कि कैसे देसी गाय पालन आज के आधुनिक युग में भी श्रेष्ठ कर है। मौके पर प्रदीप रुंगटा, रामपुकार झा अमित कुमार अनिल कुमार मृत्युंजय कुमार सहित संस्थान के अन्य लोग उपस्थित थे।

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