माॅडल अस्पताल:सदर अस्पताल में 18.97 करोड़ से मदर चाइल्ड केयर विंग का हुआ शिलान्यास

बेगूसरायएक महीने पहले
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सदर अस्पताल को मॉडल बनाने के लिए 19 करोड़ की लागत से बनने वाले मदर चाइल्ड विंग के शिलान्यास के वर्चुअल कार्यक्रम में मौजूद डीएम व अन्य जनप्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल को मॉडल बनाने के लिए 19 करोड़ की लागत से बनने वाले मदर चाइल्ड विंग के शिलान्यास के वर्चुअल कार्यक्रम में मौजूद डीएम व अन्य जनप्रतिनिधि।
  • 108 से बढ़कर 350 होगी बेड की क्षमता, एएनएम काॅलेज की जगह बनेगा एमसीएच विंग

बिहार का नंबर 1 बेगूसराय सदर अस्पताल अब माॅडल अस्पताल बनेगा। इसके प्रथम चरण में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18.97 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मदर चाइल्ड विंग का शिलान्यास भी कर दिया है। इतना ही नहीं 108 बेड के इस अस्पताल को अब 350 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। जिसके लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं सदर अस्पताल में ऐसी भी व्यवस्था होगी जहां बच्चे के जन्म से लेकर उसके वयस्क होने तक का सम्पूर्ण इलाज हो सकेगा। इसके लिए किसी को भी एक रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे।

ज्ञात हो कि स्मार्ट सिटी की तर्ज पर सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाया जाएगा। जहां सभी प्रकार की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधा मौजूद होगी। प्रथम चरण में सदर अस्पताल के एएनएम कॅालेज की जगह एमसीएच हॉस्पिटल बनाया जाएगा। इसके लिए एएनएम कॅालेज के पुराने भवन को तोड़ कर वहां नया भवन बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के लिए कई सारी सुविधाओं से यह केंद्र लैस होगा जिसमें आईसीयू के अलावा प्रसव की भी बेहतर व्यवस्था होगी। इस वजह से जच्चा बच्चा का इलाज की व्यवस्था एक ही जगह होने से काफी सहूलियत होगी। इसके अलावे भी बच्चों के इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड भी वर्तमान में कार्य कर रहा है।

रामपुर बसवन में 1.27 करोड़ से बनेगा रेफरल अस्पताल मालूम हो कि मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले में स्वास्थ्य के दो अन्य परियोजना का भी उद्घाटन किया है। सीएम नीतीश कुमार ने 1.27 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ उपकेंद्र रामपुर बसवन व मटिहानी रेफरल अस्पताल परिसर में निर्मित आरटी पीसीआर लैब का उद्घाटन किया। आरटी पीसीआर लैब बनने से अब कोविड तथा टीबी के मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करने की ज़रुरत नहीं होगी। बता दें कि आरटी पीसीआर रिपोर्ट पटना से आने के कारण मरीजों को 24 से 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ता था। मटिहानी में आरटी पीसीआर लैब प्रारंभ हो जाने से अब तत्काल रिपोर्ट मुहैया कराया जा सकेगा।

इस वर्चुअल उद्घाटन सह शिलान्यास कार्यक्रम में मटिहानी विधायक राजकुमार सिहं, नगर विधायक कुंदन कुमार, सांसद प्रतिनिधि अधिवक्ता अमरेन्द्र कुमार अमर, सीएस डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा, डीपीएस शेलेश चंद्रा आदि मौजूद थे।

आरटी पीसीआर केंद्र मटिहानी और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर वसबन को लेकर स्वास्थ्य प्रबंधक श्रीमोद कुमार, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि मटिहानी में आरटी पीसीआर केंद्र से काफी सहूलियत हो रही है। उन्होंने बताया कि करोना सक्रमण बीमारी से पूरा विश्व तबाह हो चुका है। जिसका बेहतर जांच आरटी पीसीआर से होता है। उन्होंने बताया कि पूर्व के दिनों में आरटी पीसीआर जांच के लिए पटना भेजना पड़ता था, जिसका रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन तक लग जाता था। इससे समुचित इलाज करने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने बताया कि मटिहानी में आरटी पीसीआर केंद्र खुल जाने से अब काफी सहूलियत हो रही है।

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