आफत में जान:हर घंटे आधा सेंटीमीटर बढ़ रही है गंगा, तटवर्ती मोहल्लों में घुसा पानी

बेगूसराय2 महीने पहले
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तटवर्ती इलाकों में फैला पानी। - Dainik Bhaskar
तटवर्ती इलाकों में फैला पानी।
  • बाढ़ आने से पलायन करने लगे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीण

गंडक नदी के बाद अब गंगा उफान पर है। पिछले दो-तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण जिले में गंगा खतने के निशान को पार कर गई है। वर्तमान में हाथिदा में गंगा खतरे के निशान से शाम के आठ बजे तक 55 सेमी उपर बह रही थी। अभी गंगा आधा सेमी प्रति घंटे बढ़ रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अब गंगा का पानी अपने किनारे को छोड़कर दियारा होते हुए अब गंगा किनारे के गांव तक पहुंच गई है। जिससे गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है।।

मालूम हो कि जिले में मुख्य रूप से गंगा और गंढक नदी पर कुल 175 किलोमीटर का तटबंध है। जिसमें 105 किलोमीटर गंगा का तटबंध है, जबकि 70 किलोमीटर गंढ़क का क्षेत्र है। जिले में कुल 18 प्रखंड के 45 पंचायत के 156 राजस्व ग्राम की कुल चार लाख से अधिक जनसंख्या बाढ़ से हर साल प्रभावित होती है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जबकि गंडक में पानी बढ़ना रूक गया है।

बाढ़ प्रमंडल के महेश कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ोतरी के आसार हैं। हालांकि रात में गंगा के जलस्तर में अधिक वृद्धि की संभावना है। जिले में हाथिदा में गंगा का जलस्तर 42.31 सेमी है जबकि खतरे का निशान 41.76 सेमी है। वहीं पटना में गंगा का जलस्तर 49.34 सेमी है।

पानी अब कई मोहल्लों में प्रवेश कर गया है
लगतार बढ़ते जलस्तर के कारण मटिहानी के खोरमपुर में बाढ़ का पानी अब कई मोहल्लों में प्रवेश कर गया है। इतना ही नहीं खोरमपुर से सटे चाक, सिहमा, रामदीरी सहित अन्य गांव के तटिय इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। अगल गंगा के जलस्तर में वृद्धि इसी प्रकार जारी रहा तो अगले दो दिनों में मटिहानी के कई गांव में प्रवेश कर जाएगा।

लगातार जल स्तर बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित
वहीं दूसरी हर साल बाढ़ की विभिषिका झेलने वाले शाम्हो प्रखंड में शनिवार को प्रखंड कार्यालय और कौशल विकास केंद्र के चारों तरफ बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लगातार जल स्तर के बढ़ते रहने से आम जीवन प्रभावित होने लगे हैं। बाढ़ के कारण शाम्हो प्रखंड के दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। आधी आबादी का का सड़क संपर्क टूट गया है।

प्रखंड मुख्यालय थाना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इनलोगों संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। पिछले 24 घंटे में गंगा का पानी प्रखंड कार्यालय और पीएचसी के नजदीक पहुंच गया है। बाढ़ के कारण सबसे अधिक समस्या पशुपालकों को हो रही है। क्योंकि पशु चारा डूब चुका है।

डूबे हुए हरा चारा को लाने के लिए छोटी नाव की व्यवस्था नहीं है। बिना छोटी नाव के एक टोला से दूसरे टोला जाने में समस्या हो रही है। गैस गोदाम कुरहा टोटहा जाने वाले रास्ते पर पानी का बहाव हो जाने से वाहनों का चलना बंद हो गया है। वहीं दूसरी तरफ खोरमपुर गंगा घाट पर दियारा इलाके से लोग पशुओं को नाव पर लादकर ला रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक पानी के बढ़ने के कारण प्रति पशु 300 रुपए किराया देकर पशुओं को दियारा से लाने को मजबूर हैं।

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