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जतायी नाराजगी:मजदूरों के अधिकारों पर सरकार का हमला शर्मनाक

बेगूसराय25 दिन पहले
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  • सीआईटीयूके 51वें स्थापना दिवस पर नेताओं ने किया कार्यकर्ताओं को संबोधित

केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के सीआईटीयू के 51वां स्थापना दिवस रविवार को कपसिया चौक स्थित जिला कार्यालय रणदिवे भवन में संघर्ष संकल्प दिवस के रूप में आयोजित किया गया। झंडोत्तोलन व बीटी रणदिवे के तैल चित्र पर माल्यार्पण उपरांत जहां सीटू कार्यकर्ता श्रम कानूनों के ऊपर हमला कर श्रम संहिता बनाने की कार्यवाही वापस लो, श्रम का घंटा 12 घंटा नहीं चलेगा 8 घंटा श्रम का समय निर्धारित रखो, कृषि कानून वापस लो एवं माकपा विधायक दल नेता विभुतिपुर विधायक अजय कुमार के ऊपर हुए जान लेवा हमला करने वाले अपराधियों को गिरफतार कर फांसी दो आदि मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। झंडोत्तोलन कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वरिष्ठ सीटू नेता सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ट्रेड यूनियनों की एकता ही इसका एकमात्र जबाव होगा।

उन्होंने कहा कि कोविड 19 अटैक से मुकाबला के लिए लॉक डाउन एक अनिवार्य बचाव माध्यम है, तो लाॅकडाउन के लिए कुछ आवश्यक शर्तें भी हैं, मोदी सरकार लाॅकडाउन की घोषणा तो कर देती है लेकिन आवश्यक शर्तों को साफ तौर पर गायब कर देती है। सीटू राज्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि देश को कारपोरेट घरानों के लिए लूट के बाजार में तब्दील कर एक बार फिर से कम्पनी राज स्थापित किया जा रहा है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम व शहीदों की विरासत को दफनाने की साजिश है । उन्होंने कहा कि सीटू अपने स्थापना काल से संगठित, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों के सम्मान पूर्वक जीवन जीने के अधिकार के लिए न सिर्फ साम्राज्यवाद परस्त शासक वर्गीय हमलों के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है।

बल्कि अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं की शहादतें दे कर एक से बढ़कर एक उपलब्धियों को हासिल किया है और हमारा यह श्रम संग्राम लगातार जारी रहेगा। वहीं किसान सभा जिला सचिव दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि आज देश के सामने पैदा की जा रही चुनौतियों का मुकाबला कर उसका मुंह तोड़ जवाब देने के लिए किसान, मजदूर एकता पर आधारित आन्दोलन ही एकमात्र विकल्प है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएसएसआर यूनियन नेता आर एस राय व संचालन बीड़ी मजदूर यूनियन नेता राम विनय सिंह ने किया । मौके पर मोहन मुरारी, पी के वर्मा, रामनिरंजन सिंह, मृत्युंजय कुमार, पंकज कुमार सिंह, अमरदीप कुमार सिंह, मनोज पासवान, साबरा खातुन, काशीद, सच्चिदानंद राय, सुरेन्द्र साह, मनोज कुमार झा, रमेश कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

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