प्रदर्शन:प्रवासी मजदूर काम के लिए परेशान हैं, इधर कोरोना की आड़ में वर्चुअल तरीके से सत्ता हड़पना चाहती है भाजपा-जदयू : चन्द्रदेव

बेगूसरायएक वर्ष पहले
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बेगूसराय में प्रदर्शन करते माले कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
बेगूसराय में प्रदर्शन करते माले कार्यकर्ता।

भाकपा माले, खेग्रामस, प्रवासी मजदूर यूनियन के संयुक्त राज्य व्यापी संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने सदर प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर 7 सूत्री मांग पत्र बीडीओ को सौपा। बारिश के बावजूद भी प्रदर्शनकारी हाथ में झंडा बैनर लिए प्रवासी मजदूरों को रोजगार दो, प्रवासी मजदूरों का पलायन क्यों नीतीश कुमार जबाव दो।

फोन नहीं उठाने वाले सदर बीडीओ मुर्दाबाद, स्वयंसहायता समूह के कर्ज माफ करो, प्रवासी मजदूरों को 10 हजार रुपए लाॅक डाउन भत्ता दो, मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार तथा 500 रूपए मजदूरी दो इत्यादि जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे । मौके पर खेग्रामस के राज्य उपाध्यक्ष चन्द्रदेव वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी, महंगाई और बेकारी से जुझ रही जनता को उबारने के बजाए केंद्र की मोदी सरकार सीमा विवाद, जुमलेबाजी और उन्माद पैदा कर देश को बर्बाद करने में लगी है।

साथ ही कहा कि एनडीए सरकार देश के लिए आपदा का पर्याय बन गई है, जिसे देश हित में उखाड़फेकना जरूरी है। चंद्रदेव वर्मा ने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकार झूठ बोल कर लोगों का ध्यान भटकाने में लगी है। बिहार की नीतीश  सरकार जनता के साथ छल कर रही है और क्वारेंटाईन सेंटर बंद कर बिहार को कोरोना की आग में ढकेलने का काम किया है। वहीं माले नगर सचिव राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की वर्चुअल रैली लोकतंत्र को समाप्त करने की साजिश है। माले  एक्चुअल संवाद का पक्षधर है।

उन्होंने बीडीओ से मांग किया कि प्रधानमंत्री  आवास योजना, हर घर नल जल योजना, बिजली, पानी, सड़क, नाला सहित तमाम जनसमस्याओं पर ध्यान केंद्रित करें अन्यथा माले आन्दोलन तेज करेगी । प्रदर्शन में खेग्रामस के जिलाध्यक्ष मो. इशराफिल, दिलीप ठाकुर, मो. जाहिद, मुकेश सदा, सुरेश पासवान, विनय कुमार अम्बष्ट, किशोर पासवान, लखन साह, बिनोद पासवान, देशवति देवी, महादेव पासवान, सिरन महतो शामिल थे।

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