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शांतिपूर्ण आंदोलन:जबतक सरकार तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेती तबतक आंदोलन

बेगूसराय8 दिन पहले
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  • किसान हर कुर्बानी देने को तैयार हैं और बिना कानून की वापसी, घर वापसी नहीं होगी

मध्यप्रदेश में 6 जून 2017 को समर्थन मूल्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छह निर्दोष किसानों को मंदसौर मंडी में अंधाधुन गोलियों से भून डाला था। उक्त बातें किसान सभा के महासचिव अशोक सिंह ने रविवार को गोलीकांड के चौथी बरसी पर आयोजित धरना सह संकल्प सभा कार्यक्रम में कहीं। संकल्प सभा सह धरना की अध्यक्षता बिहार राज्य किसान सभा के जिला सचिव दिनेश सिंह ने की।

वहीं अखिल भारतीय किसान महा सभा के जिला सचिव बैजू सिंह ने कहा कि मंदसौर के शहीद किसानों से प्रेरणा लेकर 555 किसान संगठनों ने ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति का गठन कर कर्ज मुक्ति एवं लागत का डेढ़ गुना दाम की मांग को लेकर देशव्यापी लड़ाई छेड़ा था जो विगत 194 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर चल रहा है। किसान घेरा डाले हुए हैं और उनके समर्थन में देश के चप्पे-चप्पे पर किसान आंदोलित है। खेग्रामस के जिला सचिव चन्द्रदेव वर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन को देश के हर वर्ग एवं समुदाय तथा विश्व जनमत का समर्थन हासिल है। किसान हर कुर्बानी देने को तैयार हैं और बिना कानून की वापसी, घर वापसी नहीं होगी यह हर किसान ने मन में ठान ली है। सीटू के नेता अंजनी कुमार व सुरेश सिंह ने कहा कि आज किसान आंदोलन देश, लोकतंत्र एवं संविधान बचाने का आंदोलन हो गया है।

इसीलिए ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति एवं संयुक्त किसान मोर्चा ने मंदसौर के शहीद किसानों की शहादत दिवस पर आज पूरे देश में संकल्प दिवस मनाने का आह्वान किया। किसान नेताओं ने कहा कि चक्रवाती तूफान यास से किसानों की फसलों की बर्बादी हुई है। खासकर मक्का, गेहूं ,मुंग, प्याज ,सब्जी लीची ,आम ,पान एवं गन्ना का भारी नुकसान से बिहार के किसान सदमे में हैं, इसीलिए कृषि पैदावार की हुई भारी क्षति की भरपाई के लिए सरकार 25 हज़ार प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा दे। साथ ही कहा कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर सभी कृषि उत्पादों की लागत से डेढ़ गुना दाम पर खरीदने की कानूनी

गारंटी नहीं करती है, बिजली संशोधन बिल 2020 वापस नहीं लेती तब तक हमारा सतत संघर्ष जारी रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि समाज हित, देशहित और संविधान के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने व शहीद किसानों के सपनों को साकार करने के लिए हम हर कुर्बानी देने को तैयार रहेंगे। हम किसानआंदोलन के उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे तथा किसान मजदूर विरोधी सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक एकता कायम कर लगातार लड़ते रहेंगे और जीतेंगे। मौके पर जिला उपाध्यक्ष टुनटुन दास, पैक्स अध्यक्ष सहायक जिला सचिव मनोज कुमार यादव, रामाशीष राय, राज नारायण राय मौजूद थे।

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