पहल / नगर परिषद बीहट में शामिल किए जा सकते हैं सिमरिया घाट से लेकर देवना गांव

Municipal councils can be included in Behat from Simaria Ghat to Devna village
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Municipal councils can be included in Behat from Simaria Ghat to Devna village

  • नगर परिषद बीहट के विस्तार क ेलिए नगर विकास विभाग को गया था प्रस्ताव

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

बीहट. नगर परिषद बीहट के परिसीमन क्षेत्र में विस्तार होने की संभावना एक बार फिर से देखी जा सकती है। इसको लेकर राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के भेजे गए पत्र के जवाब की तैयारी चल रही है। जो कि बहुत जरूरी भी है। खासकर नगर परिषद के गठन के बाद दो वार्ड के लोग जो अब तक ना नगर परिषद में हैं और ना ही पंचायत में । ऐसी स्थिति में नगर परिषद बीहट के क्षेत्र विस्तार से कई तरह की उम्मीदें स्थापित होती दिख रही है। विदित हो कि लगातार इस के परिसीमन को लेकर नगर परिषद बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लिए जाते रहे हैं लेकिन अब तक इस पर कोई पहल नहीं हो पाया था।

सरकारी फाइलों की आवाजाही के कारण राजवाड़ा गांव स्थित वार्ड 1 से और वार्ड 15 का सदानन्दपुर टोला के लोग सरकार की तमाम योजनाओं से वंचित हैं । इधर जब बिहार सरकार के नगर विकास विभाग  द्वारा सभी जिला पदाधिकारी को यह पत्र निर्गत किया गया कि वह अपने जिले में नए नगर निकाय के गठन और निकायों के उत्क्रमण या विस्तार को ध्यान में रखते हुए अपना प्रस्ताव भेज सकते हैं तो नगर परिषद बीहट में भी इसकी आहत सुनी जा रही है।

सूत्र के अनुसार, नगर परिषद बीहट के परिसीमन विस्तार की भी रणनीति तैयार की जा रही है जो कि प्रस्ताव के रूप में जिला पदाधिकारी के माध्यम से नगर विकास विभाग को भेजा जा न है । नगर परिषद बीहट के परिसीमन विस्तार के मामले में सबसे पहले नगर परिषद बीहट से कटे राजवाड़ा के कुछ हिस्से और सदानन्दपुर टोले को जोड़े जाने का प्रस्ताव दिख रहा है । वहीं क्षेत्र विस्तार को लेकर नगर परिषद बीहट का सिमरिया घाट से लेकर देवना की औद्योगिक इकाई तक माना जा रहा है । राजस्व को ध्यान में रखकर संभावना है कि बीहट के बाद मल्हीपुर उत्तर, मल्हीपुर दक्षिण, पपरौर और देवना क्षेत्र नगर परिषद बीहट में शामिल हो सकता है ।
इन शर्तों को करना होगा पूरा 
नगर परिषद बीहट के क्षेत्र विस्तार को लेकर संभवत इन शर्तों को पूरा किया जाना आवश्यक होगा कि उस क्षेत्र में 50 प्रतिशत से भी कम का क्षेत्र कृषि के लिए रह गया है । हालांकि यह पहले 75 प्रतिशत तक हुआ करता था । श्रम के क्षेत्र में दीर्घकालिक और अल्पकालिक कर्मियों की संख्या कुल जनसंख्या की आधी हो। ऐसी स्थिति में यह संभावना बन रही है कि नगर परिषद बीहट क्षेत्र का विस्तार हो।

वहीं दूसरी तरफ पूर्व के दिनों में नए नगर परिषद के गठन को लेकर प्रखण्ड प्रशासन से मांगे गए जवाब में यह बातें खुल कर आई थी कि बरौनी प्रखण्ड का ऐसा कोई भी पंचायत नहीं है जिसे नगर पंचायत या नगर परिषद में जोड़ा या गठन किया जा सकता है । ऐसी स्थिति में नगर परिषद बीहट के क्षेत्र विस्तार के उम्मीदों पर पानी फिरता भी दिख रहा है। हालांकि नए नगर निकाय या क्षेत्र विस्तार के मामले में राज्य सरकार ने यह स्पष्ट राय बनाई है कि दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिहार में 15 प्रतिशत कम नगर निकाय का क्षेत्र है । जिससे राज्य में कई तरह के विकास और उसके आर्थिक पहलू उसमें निहित हैं। 
2011 में हुआ था नगर परिषद बीहट का गठन
विदित हो कि नगर परिषद बीहट का गठन 2011 में किया गया था । जिसकी राज्य सरकार के द्वारा अधिसूचना 20 मई 2009 को निकाली गई थी । जिसके बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद फैसला नगर परिषद बीहट के पक्ष में आया था और फिर नगर परिषद बीहट के 30 वार्डों में चुनाव सम्पन्न कराए गए थे । जिसके प्रथम मुख्य पार्षद राजेश कुमार टूना बने थे ।

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