अत्यधिक वर्षा का असर:नदी घाट व तालाबों में डाला छठ अर्घ्य देना खतरे से खाली नहीं

बेगूसरायएक महीने पहले
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प्रखंड में अत्यधिक वर्षा और जल भराव से नदी घाटों में हुए कटाव को लेकर क्षेत्र से गुजर रही बूढ़ी गंडक नदी की धारा बांध किनारे से बहने लगी है। जिस कारणवस बांध से उतरते ही नदी की मूल धारा आ जाने से बूढ़ी गंडक नदी के बाड़ा घाट, पुलघाट फफौत, बेदुलिया घाट, मेंघौल घाट काफी खतरनाक हो गया है।

वहीं तालाबों में भी लबालब पानी भरा रहने की वजह से स्थिति दयनीय है जहां छठव्रतियों के लिए अर्घ्य देना खतरे से खाली नहीं है। प्रखंड की एक बड़ी आबादी इनमें मलमल्ला, मुसहरी, खोदावंदपुर, चकवा, बरियारपुर पूर्वी, मशुराज, तेतराही, सिरसी, चलकी, सागी तथा नारायणपुर गांव के लोग अपने-अपने गांव स्थित तालाबों पर जाकर छठ पूजा करते हैं।

इस बार इन तालाबो में पानी लबालब भरा हुआ है और कचरे का अंबार है। करीब आधे दर्जन तालाब के पहुंच पथ में आज भी पानी लगा हुआ है। इस परिस्थिति में इसबार के छठ पूजा में इन तालाबों ओर छठपूजा करना असम्भव दिख रहा है।

प्रशासन ने खड़ा किया हाथ
छठ पूजा के लिए घाटों को अनुकूल बनाने हेतु इसबार कोई वित्तीय मदद नहीं की गई है। पंचायत चुनाव सम्पन्न होने के कारण प्रखंड के आधे मुखिया चुनाव हार गए हैं। जो मुखिया पुनः जीतकर आए हैं, आचार संहिता लागू होने के कारण वह भी खर्च करने से मजबूर हैं। पिछले दिनों शांति समिति की बैठक कर तथा छठ घाटों का निरीक्षण कर प्रशासन के लोगों ने जनप्रतिनिधियों से सहयोग की बात कर अपने कार्यो का इतिश्री भर कर लिए हैं, जो महज खानापूर्ति है।

घाट की सफाई काे ले युवक आए आगे
छठ घाटों की बदहाल स्थिति को देखकर गांव के उत्साही युवाओं ने जगह-जगह से कोष संग्रह कर खुद से अथवा मजदूरों के सहयोग से अस्थाई छठ घाटों का निर्माण तथा बूढ़ी गंडक के घाटों को सुरक्षित बनाने में जी जान से जुटे हैं ।

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