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वेबिनार:अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में वैज्ञानिकों का दावा प्रयोगशाला में नहीं बना है कोरोना वायरस

बेगूसरायएक महीने पहले
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  • विशेषज्ञों ने कहा- भारत की रसोई में मौजूद है इससे बचाव के उपाय

बेगूसराय में आयोजित एक अंतरराष्‍ट्रीय वेबिनार में वैज्ञानिकों ने दावा किया कि कोरोना वायरस किसी प्रयोगशाला में विकसित नहीं हुआ है, बल्कि इसका इतिहास बहुत पुराना है। शनिवार को प्रतिरोधी प्रणाली के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर श्री कृष्ण महिला कॉलेज के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े यूके, यूएसए तथा देश के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन में विशेषज्ञों ने कोविड-19 के दौरान बूस्ट इम्यून सिस्टम को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल बोस्टन यूएस के सेल बायोलॉजी के डॉ. रविरंजन ने कहा कि कोरोना वायरस की विशेषता यह है कि यह अपनी संरचना को लगातार बदलते रहने में सक्षम है। वेबिनार के प्रथम मुख्य वक्ता डॉ. रवि रंजन ने कोरोना वायरस का विस्तार से विश्लेषण करते हुए इसके तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की। वेबिनार की शुरुआत पेट्रॉन सह महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. स्वप्ना चौधरी ने करते हुए इम्यून सिस्टम बढ़ाने में मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 प्रोटीन और विटामिन डी के बारे में विस्तार से बताते हुए किया।  वहीं यूके के लीड्स में कार्यरत डॉ विदुषी गौतम ने बताया कि इस वायरस की भयावहता यह है कि यह अत्यधिक संक्रामक है और एक व्यक्ति कई हजार लोगों के लिए संक्रमण का कारण बन सकता है। वहीं अमेरिका में साइंटिस्ट प्रोफेसर निर्मल सिंह जो मुख्य रूप से कोविड-19 के वैक्सीन पर कार्य कर रहें हैं, ने बताया कि यह कोरोना वायरस हमारे न्यूरॉन पर अटैक करता है जो कि हमारे लिए जानलेवा बन जाता है। प्रो निर्मल सिंह ने कहा कि इस वायरस से बचने के लिए हल्दी और विटामिन डी का उपयोग काफी सहायक है। वेबिनार में केवीके नालंदा की डॉ ज्योति सिन्हा ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना के विरुद्ध हमारे हथियार हमारे हाथ में मौजूद है। हमारी रसोई में मिलने वाली रोजमर्रा की चीजों से हम इस महामारी से लड़ सकते हैं, एंटीऑक्सीडेंट ऐसे तत्व हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक को बढ़ाने में मदद मिलता है, नियमित रूप से दिन भर में 7 से आठ गिलास पानी का उपयोग नितांत आवश्यक है। टमाटर में ऐसे तत्व मौजूद हैं जो कोरोना से लड़ने में शरीर की मदद करता है। अंत में आयोजन में तकनीकी सुपरवाइजर एवं संचालक सदस्य एवं संयुक्त सचिव कुमार त्रिपाठी ने विशेष योगदान देते हुए इस आयोजन को सफल बनाया। वहीं विजेंद्र त्रिपाठी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस वेबिनार के आयोजन समिति समिति के सदस्य के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति आरके सिंह तथा संरक्षक एवं संरक्षिका पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर स्वप्ना चौधरी थी।

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