भैया दूज विशेष:धूमधाम से बहनों ने मनाया भाई दूज भाई की लंबी उम्र की कामना की

बेगूसरायएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बेगूसराय में भैयादूज के अवसर पर बहनों ने भाई की लंबी उम्र के लिए की पूजा। - Dainik Bhaskar
बेगूसराय में भैयादूज के अवसर पर बहनों ने भाई की लंबी उम्र के लिए की पूजा।

बेगूसराय में शनिवार को भैया दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर व मीठा खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों की रक्षा के संकल्प के साथ उन्हें उपहार दिए।

वहीं घर के आंगन में आहिपन लगाकर चौका पर भाई को बैठकर सर पर चंदन का टीका लगाकर उसके हाथ पर अहिपन और सिंदूर का टीका लगाकर हाथ में पान का पत्ता, कुम्हर का फूल, सुपारी, पैसा रखकर गंगाजल डालकर गंगा न्यौतै छैय यमुना के हम न्यौतै छी भाई के जैना -जैना गंगा जी के पानी बढै़य ओना ओना हमर भाई के औरदा बढ़ै। इस मंत्र के साथ बहन ने की भाई की पूजा।

क्या है मान्यता
इस दिन यह मान्यता है कि सूर्य की पत्नी संज्ञा से दो संतानें थीं। एक पुत्र यमराज और दूसरी पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य का तेज सहन न कर सकी और छायामूर्ति का निर्माण करके अपने पुत्र और पुत्री को सौंपकर वहां से चली गई। छाया को यम और यमुना से किसी प्रकार का लगाव न था, लेकिन यमराज और यमुना में बहुत प्रेम था।

यमराज अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे, लेकिन ज्यादा काम होने के कारण अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाते थे। एक दिन यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए उनसे मिलने पहुंचे। भाई को देख यमुना बहुत खुश हुई। बहन का प्यार देखकर यम इतने खुश हुए कि उन्होंने यमुना को खूब सारे उपहार भेंट दिए।

यम जब बहन से मिलने के बाद विदा लेने लगे तो बहन यमुना से कोई भी अपनी इच्छा का वरदान मांगने के लिए कहा। यमुना ने उनके इस आग्रह को सुनकर कहा कि अगर आप मुझे वर देना ही चाहते हैं तो यही वर दीजिए कि आज के दिन हर साल आप मेरे यहां आएं और मेरा आतिथ्य स्वीकार करेंगे। इसी के बाद हर साल भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।

खबरें और भी हैं...