उदासीनता:शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहे छात्र-छात्राएं

नावकोठी9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रजाकपुर का अपग्रेडेड हाईस्कूल का भवन। - Dainik Bhaskar
रजाकपुर का अपग्रेडेड हाईस्कूल का भवन।
  • रजाकपुर अपग्रेड हाईस्कूल के 310 बच्चों का पठन-पाठन हो रहा है एकमात्र शिक्षक के सहारे

प्रखंड के अपग्रेड हाईस्कूल रजाकपुर स्थापना के एक दशक बाद भी शिक्षक की कमी से जूझ रहा है। एक ओर शिक्षा विभाग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कवायद कर रही है तो दूसरी ओर शिक्षक की कमी से इसे कैसे पूरा किया जा सकता है। यह सवाल शिक्षा प्रेमियों के जेहन में उठ रहा है। इस स्कूल को वर्ष 2012 में मिड्ल स्कूल को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा प्राप्त हुआ। भवन निर्माण के अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2018-19 में आठ लाख रुपए उपस्कर आदि क्रय करने के लिए मिला। इस स्कूल में वर्तमान शिक्षण सत्र में वर्ग नवम में 165 तथा दशम वर्ग में 145 छात्र नामांकित हैं। इन छात्रों के पठन-पाठन के लिए सामाजिक विज्ञान के एकमात्र शिक्षक शिक्षा विभाग के द्वारा तैनाती की गई है। इस स्कूल से रजाकपुर के अतिरिक्त चक्का, डुमरिया, गौड़ीपुर, शेखपुरा के छात्र, छात्रा लाभान्वित होते हैं। इस स्कूल के मैदान की घेराबंदी नहीं होने से स्कूल असुरक्षित है। अवारा पशु का जमावड़ा रहने के कारण किसी अप्रिय घटना से स्कूल के बच्चे, बच्चियां सशंकित रहते हैं। डुमरिया की अनिता देवी, दिलीप पासवान, जितेन्द्र कुमार, शिवशंकर राय, ओम प्रकाश राय, बलराम राय, रोहित पासवान, विनोद कुमार, भगलू महतो, अरूण पोद्दार, मो मनोबर, मो सगीर, अजीत कुमार, नागेश्वर महतो आदि ने डीईओ से शिक्षकों की तैनाती की गुहार लगाई है। बीईओ राजेन्द्र पांडे ने बताया कि शिक्षकों की कमी से वरीय पदाधिकारी को सूचित किया गया है।

खबरें और भी हैं...