कोरोना से जंग / सदर अस्पताल में लगा ट्रूनेट मशीन 50 मिनट में 4 सैंपल की होगी जांच

Trunet machine installed in Sadar Hospital, 4 samples will be tested in 50 minutes
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Trunet machine installed in Sadar Hospital, 4 samples will be tested in 50 minutes

  • दो दिन में होगा शुरू, प्रमाणिकता के लिए भेजा जाएगा पटना

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

बेगूसराय. कोरोना के पुल टेस्टिंग के लिए अब बेगूसराय में भी व्यवस्था हो गई है। सदर अस्पताल के टीवी वार्ड में कोरोना टेस्ट के लिए ट्रूनेट मशीन लगाई गई है। इस मशीन के लगने के बाद अब कम से कम रोजाना 50 से 60 लोगों की टेस्टिंग हो सकेगी। एक घंटे में चार से पांच टेस्ट हो सकती है और सदर अस्पताल प्रबंधन ने इसे 10 बज सुबह से 8 बजे शाम तक इस्तेमाल करने का फैसला किया है। हालांकि ज्यादा प्रेसर रहने पर यह मशीन 24 घंटे इस्तेमाल में लाई जा सकती है।

अमेरिका निर्मित ट्रूनेट मशीन को लेकर आई टेक्निकल टीम ने टेस्ट कर सदर अस्पताल में काम कर रहे टेक्नीशियन को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी देने का काम किया है, हालांकि विधिवत जांच शुरू होने में अभी 2 दिन का वक्त और लगेगा। मिली जानकारी के अनुसार टेस्ट के लिए जून के पहले सप्ताह तक मीडिया उपलब्ध होगा। जिसके बाद विधिवत जांच प्रारंभ हो सकेगी। मिली जानकारी के अनुसार सैंपल टेस्ट के दौरान वायरस से संक्रमित होने से टेक्नीशियन को बचाने के लिए बायोसेफ्टी मशीन लगाने की जरूरत है। 
सुबह 10 से रात 8 बजे तक होगी जांच: अस्पताल अधीक्षक
इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि जब तक बड़ी मशीन में 4 सैंपल का रिपोर्ट आएगा, तब तक दूसरा 4 सैंपल छोटे मशीन में डाला जा सकता है। सुबह के 10 बजे से रात के 8 बजे तक सैंपल जांच किया जाएगा, जिससे कि गुणवत्ता बरकरार रहे। 
उन्होंने कहा कि यहां जांच करने के दौरान नेगेटिव रिपोर्ट को फाइनल माना जाएगा, जबकि पॉजिटिव रिपोर्ट वाले स्वाब को रीटेस्ट के लिए पटना आईसीएमआर भेजा जाएगा, इस प्रकार पटना स्वाब भेजने की संख्या में 90 फीसदी की कमी आएगी। 

24 घंटा के बदले अब एक घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट 
ट्रूनेट मशीन लगने से टेस्ट सैंपल पटना भेजने से स्वास्थ्य विभाग को निजात मिलेगी, वही लोगों को 24 घंटा से 48 घंटा तक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञ के अनुसार तीन पार्ट में बंटे ट्रूनेट मशीन के प्रथम चक्र में 18 मिनट में दो स्वैब से आरएनए को अलग किया जाता है, इसके बाद उसे दूसरे मशीन में डालकर उस आरएनए से कोरोना वायरस संक्रमित की पहचान की जाती है। जहां पता चलता है कि कोई व्यक्ति नेगेटिव है या पॉजिटिव। जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है। बड़ी मशीन में एक साथ चार आरएनए जांच करने की सुविधा है, जिसके कारण एक घंटा में चार स्वैब की जांच की जा सकती है।

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