अभी लंबा है सफर / मालिक ने वेतन नहीं दिया तो मुंबई से निकले मजदूर, 11 दिन बाद सायकिल से पहुंचे बेगूसराय,

Workers left from Mumbai, Begusarai arrived after cycle 11 days
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Workers left from Mumbai, Begusarai arrived after cycle 11 days

  • सभी प्रवासी मजदूरों को असम तक की यात्रा करनी है, मुंबई की कंपनियों में कार्यरत थे सभी श्रमिक

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:02 AM IST

बेगूसराय. गांव से दूर प्रदेश में रहकर मजदूरी करना सबसे बड़ी मूर्खता थी। इससे बढ़िया तो हमारा गांव ही था जहां कम से कम दो वक्त की रोटी मिल जाती थी। सालों साल जिस कंपनी में हम लोगों ने काम कर उसे आगे बढ़ाया लॉकडाउन के दौरान एक झटके में हम लोगों को बाहर कर दिया। माया नगरी में जब खाने को कुछ नहीं बचा और कुछ उपाय भी समझ में नहीं आ रहा था तो साइकिल से ही तीन हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करने की ठान ली, अब चाहे जो हो जाए कमाने कभी परदेस नहीं जाएंगे।

दरअसल मुंबई में अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले असम के नौ मजदूर पिछले 11 दिनों से साइकिल चला रहे हैं ताकि अपने घर पहुंच सके। 11 दिनों के बाद यह सभी मजदूर शुक्रवार को राजेंद्र सेतु पहुंचे यहां इन लोगों को साई की रसोई टीम द्वारा जब खाना दिया गया, तो ये मजदूर भावुक हो गए। अमोल, घोष , पोली, आरहा , टोन्डो सहित अन्य ने बताया की वो कुल 119 लोग हैं जो मुम्बई में अलग अलग फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन इस लॉकडाउन की वजह से कम्पनी मालिक ने आगे खाने व तनख्वाह देने से मना कर दिया।

पास में पैसे कम थे और यह तय नहीं था कि यह लॉक डाउन कब तक रहेगा। कंपनी वाले भी काम कब देंगे यह कहने को तैयार नहीं थे। जिसके बाद हम लोगों ने अपने पेट की खातिर वापस अपने गाँव जाने को मजबूर हो गए । मजदूरों ने बताया कि ट्रेन में टिकट मिल नहीं रहा था, ऑनलाइन काटने नहीं आता है, कोई मदद करने वाला नहीं दिख रहा था। हज़ारों लोगों को पैदल अपने घर जाते देखा तो हम लोगों ने भी फैसला किया कि अब किसी भी तरह अपने घर तक पहुंचना ही है। पास में पैसे कम थे, घर तक पहुंचने के लिए राह खर्च भी बचाना था, इसलिए हम सभी ने पुरानी साइकिल खरीदी और चल दिए।

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