कार्रवाई:क्लर्क से 11 लाख रुपए उड़ाने के मामले में झारखंड से 4 साइबर क्रिमिनल गिरफ्तार

भभुआ3 वर्ष पहले
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  • मोहनिया में वरीय लिपिक के एकाउंट से 8 मई 2020 को 11 लाख रुपए कर लिए गए थे हैक
  • एसपी ने कहा - यह गिरोह जामताड़ा देवघर और धनबाद झारखंड का शातिर साइबर क्राइम ग्रुप है

एक प्रधान लिपिक से 11 लाख रुपए उड़ाने के मामले में कैमूर पुलिस ने झारखंड प्रांत से चार साइबर क्रिमिनल गिरफ्तार किए हैं। जबकि दो ग्रुप के चार शातिर अभी भी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस के हत्थे चढ़े साइबर क्रिमिनलों के पास से कैमूर पुलिस ने 6मोबाइल, 4 मोटरसाइकिल, एक कंप्यूटर, एक लैपटॉप और एक सीपीयू बरामद किया है। मोहनिया में कार्यरत सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल के वरीय लिपिक रविश कुमार पाण्डेय के अकाउंट से बीते 8 मई 2020 को 11लाख रुपए हैक कर लिए गए थे।

एसपी दिलनवाज अहमद ने कहा है कि लगभग डेढ़ माह के अनुसंधान के बाद पता चला कि यह गिरोह जामताड़ा देवघर और धनबाद झारखंड का शातिर साइबर क्राइम ग्रुप है। एसपी ने बताया है कि रवीश कुमार पांडे सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल के वरीय लिपिक जो मोहनिया में कार्यरत हैं। उनके खाते से बीते 8 मई 2020 को 11लाख रुपए की निकासी का मैसेज प्राप्त हुआ जबकि उक्त खाते से इनके द्वारा इतनी निकासी नहीं की गई थी। इस बीच लिपिक ने मात्र 10 हज़ार रुपए एटीएम से निकालने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं निकला था।

तब इनके द्वारा गूगल पर सर्च करके एसबीआई ग्राहक सेवा के मोबाइल नंबर 7365091338 पर संपर्क किया गया। यहां से बताया गया कि एनीडेस्क एप्लीकेशन अपने मोबाइल पर इंस्टॉल करें तो तुरंत पैसा वापस आ जाएगा। पर 10 हज़ार तो नहीं नहीं लौटा लिपिक के खाते से मोटी रकम की निकासी कर ली गई। सदर थाना में लिपिक के दिए गए एफआईआर के आवेदन के आधार पर घटना के अनुसंधान के लिए प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक संतोष कुमार वर्मा, गुलाब खां, पंकज कुमार पांडे, कपिल कुमार मंडल के साथ पुलिस निरीक्षक राजकुमार सिंह और पुलिस अवर निरीक्षक मनु प्रसाद, पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक शंभू कुमार की एक टीम बनाई गई। ये कैमूर जिले का सबसे बड़ा था साइबर क्राइम केस था।  

साइबर क्राइम के पैसों से स्विफ्ट डिजायर हाईवा खरीदे हैं
एसपी के अनुसार आरोपितों ने बताया है कि साइबर क्राइम के पैसों से वे स्विफ्ट डिजायर हाईवा खरीदे हैं। पुलिस इनकी आपराधिक इतिहास का पता कर रही है। ऑनलाइन पैसों को बरामद करने का प्रयास कर रही है। इनके पास से पुलिस ने छह मोबाइल 64 मोटरसाइकिल एक कंप्यूटर एक लैपटॉप और एक सीपीयू बरामद किया है बताया गया है कि इनके दो आपराधिक इतिहास पाए गए हैं जो साइबर क्राइम के मामले में झारखंड से जेल जा चुके हैं। टीम में शामिल सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया जाएगा। -दिलनवाज अहमद, एसपी, कैमूर

पैसे जनधन योजना के खाते में डाल दिया गया है
अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्राहक सेवा केंद्र का मोबाइल नंबर 73809138 राणामल पिता सुखदेव बीरभूम पश्चिम बंगाल के नाम बंद है। जिसे तोड़ कर फेंक दिया गया था। उसके बाद बैंक स्टेटमेंट निकालने पर पता चला कि सभी पैसे पेटीएम के माध्यम से अलग-अलग जनधन योजना के खाते में डाल दिया गया है। इसके पश्चात पेटीएम से सभी खातों का डिटेल मांगा गया। डिटेल आने पर जिस-जिस नंबर पेटीएम से बना था उस मोबाइल नंबर को सर्च किया गया, जो फेंक निकाला। इसके अलावे खाता नंबर भी अधिकांश फर्जी निकला। 

8000 में एक फर्जी सिम व 5000 में फर्जी खाता किराए पर लेते थे
आरोपितों में वारिस अंसारी पिता अजीमुद्दीन अंसारी ग्राम जंगलपुर, मोसिन अंसारी पिता गुल मोहम्मद अंसारी, मोहम्मद अताउल अंसारी पिता अब्दुल कयूम अंसारी दोनों ग्राम पिथोरिया सभी थाना गोविंदपुर जिला धनबाद के अलावे नंदलाल तोरी पिता योगेंद्र प्रसाद तोरी ग्राम काली पहाड़ी थाना नारायणपुर जिला जामताड़ा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मिनहाज अंसारी और अजमल अंसारी उर्फ छोटू अंसारी फिलहाल फरार हैं। आरोपितों ने बताया है कि वे 8000 में एक फर्जी सिम एवं 5000 में फर्जी खाता किराए पर खरीदते हैं। 

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