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परेशानी:वेतन बिना पर्व त्योहार मनाने से बिहार सरकार का विकास होगा : मुक्तेश्वर

भभुआ14 दिन पहले
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  • तनख्वाह नहीं देकर सरकार किस मुंह से विकास करती है

बिहार में नियोजित शिक्षकों का वेतन रोकना सरकार दीवाली जैसे मानती है ।तभी तो कभी चार चार माह पर वेतन नहीं मिलता है शिक्षकों को ।बक्सर जिला शिक्षक नेतृत्वकर्ता मुक्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि हम पिछली बार अपने वेतन के लिए आमरण अनशन से लेकर कड़े संघर्ष किए थे ।सरकार हमारा वेतन रोककर हमें बिना वेतन के पर्व त्योहार मनाने पर भी विकास का नाम देती है ।सम्मानजनक वेतन तथा समान काम समान वेतन की बात करने पर सरकार के मंत्री विधायक असंवैधानिक तथा अनैतिक बात करते हुए कहते हैं कि शिक्षकों को सारा पैसा दे देंगे तो और काम कैसे होगा।

वेतन का ससमय भुगतान करने से कौन रोक रहा है

उन्होंने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि मैं सरकार के उन मंत्री विधायकों से पूछता हूं कि जो वेतन निर्धारित किए गए हैं सरकार की तरफ से उस वेतन का ससमय भुगतान करने से कौन रोक रहा है ।ऐसे सरकार को शर्म क्यों नहीं आती है ।क्या बिहार में अंग्रेजी विचारधारा की सरकार है।बकरीद के दिन बिना वेतन के अभावग्रस्त जिन्दगी जी रहे शिक्षकों के संदर्भ में अपनी पीड़ा सुनाते हुए शिक्षक नेता मुक्तेश्वर प्रसाद ने सारी बातें कही ।नाना नामधारी तथा नाना वेतनधारी शिक्षकों के नाम से समाज में अपने को स्थापित करने की जद्दोजहद कर रहे शिक्षकों वेतन के अभाव की जिन्दगी ने बदहाली की ओर धकेल रही है ।शिक्षक नेता अमितेश कुमार तथा जयप्रकाश शर्मा ,धनजी सिंह ,जय कुमार राय ,संतोष कुमार सिंह, संजय कुमार ,चंद्रमा राम, राजेश कुमार, ब्रह्मानंद सिंह ,जयप्रकाश यादव सहित सभी शिक्षकों ने बताया कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों से शिक्षक बदहाल हैं।

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