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जयंती धूमधाम से मनाई:बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की 134वीं जयंती धूमधाम से मनाई

भभुआएक महीने पहले
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श्रद्धांजलि देते लोग। - Dainik Bhaskar
श्रद्धांजलि देते लोग।

सिविल कोर्ट परिसर के समीप शुक्रवार को बिहार विभूति डॉ अनुग्रह नारायण सिंह की134वीं जयंती मनाई गई। अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कन्हैया सिंह ने की। मौके पर उपस्थित लोगों ने अनुग्रह बाबू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में अनुग्रह बाबू का योगदान अहम रहा। आजादी के बाद से ही जिला से लेकर राज्य के विकास में उनकी अहम भूमिका थी। वे बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री रह चुके थे। वे आधुनिक बिहार के निर्माताओं में से एक थे। दामोदर नदी घाटी परियोजना अनुग्रह बाबू की ही देन है, जिससे बिहार के साथ बंगाल एवं नेपाल लाभान्वित होता है। वे गरीबों के हक की लड़ाई लड़ते रहे।

कन्हैया सिंह ने कहा कि बिहार विभूति को पहचानने वाले व्यक्ति सर्वप्रथम डा. राजेंद्र प्रसाद थे। उन्होंने अनुग्रह बाबू के अंदर छिपी हुई प्रतिभा को पहचान कर उन्हें बिहार के विकास के लिए आगे आने को प्रेरित किया। वे बहुत बड़े राजनीतिज्ञ थे। महात्मा गांधी ने चंपारण में हो रहे किसानों पर जुल्मों के विरुद्ध लड़ने हेतु अनुग्रह बाबू को आमंत्रित किया था। उन्हें बिहार में निर्माता के रुप में जाना जाता है। वे सर्वप्रथम 1937 में वित्त मंत्री बने थे। आज राजनीति करने वाले नेताओं को अनुग्रह बाबू की उदारता, सरलता और राजनीतिक सोच से प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। अनुग्रह बाबू अपनी इमानदारी और कर्मठता के लिए सदा याद किए जाएंगे। उन्हें व्यवहारिक अर्थशास्त्र का पंडित माना जाता है।

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