आस्था / व्रत रख कर सुहागिनों ने की वट सावित्री पूजा

By keeping a fast, the Suhagins worshiped Savitri
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By keeping a fast, the Suhagins worshiped Savitri

  • मान्यता है माता सावित्री ने दृढ़ संकल्प और श्रद्धा से मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाए थे

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:36 AM IST

भभुआ. ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को जिले की सुहागिन महिलाओं में वट सावित्री व्रत की विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस दौरान सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना की। ज्योतिषविद आचार्य वागीश्वरी दिवेदी ने बताया कि मान्यता है माता सावित्री ने दृढ़ संकल्प और श्रद्धा से मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाए थे। इसलिए महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद ही फलदाई माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुहागिनें सच्चे मन से इस व्रत को करती हैं।

इससे उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होने के साथ उनके पति को लंबी आयु प्राप्त होती है। इस दिन सुहागन महिलाएं श्रृंगार कर बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। वट वृक्ष की जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और पत्तियों में भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। इसलिए अमावस्या तिथि को नव विवाहित महिलाएं वट सावित्री पूजा को बहुत ही धूमधाम से करती हैं। पूजा को लेकर शहर के कई मंदिर प्रांगणों में जहां बरगद के घने वृक्ष हैं, वहां सुहागिनों ने विधि-विधान से पूजा अर्चना किया और मनोवांछित फल मांगे। 
उधर, मोहनिया अनुमंडल में वट सावित्री पूजा को लेकर महिलाओं में शुक्रवार को काफी उत्साह देखा गया। महिलाएं सुबह से ही वटवृक्ष के नीचे जुटने लगीं। सुहागन महिलाएं सोलह सिंगार कर अपने सुहाग की रक्षा के लिए वट वृक्ष की पूजा अर्चना की।

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