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बदहाली:मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण कैमूर को रोहतास से जोड़ने वाली सड़क जर्जर

भभुआ19 दिन पहले
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खुखमा घाटी की सड़क। - Dainik Bhaskar
खुखमा घाटी की सड़क।
  • आजादी से पहले चुटिया से अधौरा जाने के लिए खुखमा घाटी सड़क का निर्माण हुआ था

स्थानीय प्रखण्ड अन्तर्गत दो जिला रोहतास एवम कैमूर जिला को जोड़ने वाला चुटिया अधौरा खुखमा घाट सड़क वन विभाग के लापरवाही एवम उदासीनता के कारण साधारण मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण वर्षों से बन्द है। देश के आजाद हुआ 75 वर्ष गुजर गया। इस बीच चुनाव पर चुनाव बीतते गया। उसके बावजूद लम्बे समय तक उग्रवादी गतिविधियों से बुरी तरह प्रभावित रहा कैमूर पहाड़ी क्षेत्र फिर यह सड़क नहीं बन सकी। इस सड़क पर कभी ट्रैक्टर जीप चला करती थी, लेकिन आज यह सड़क अपनी पहचान बचने के लिए संघर्ष खुद कर रही है। इस सड़क की तरफ न वन विभाग का ध्यान है न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सांसद और विधायक का ध्यान है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यानी अंग्रेजों के शासन में चुटिया से अधौरा जाने के लिए खुखमा घाटी सड़क का निर्माण कराया गया था। जिससे अधौरा और चुटिया की दूरी बिल्कुल कम था। ग्रामीणों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलता था। साथ ही आने जाने में समय का बचत भी होता था।

कैमूर पहाड़ी के ऊपर बसे अधौरा प्रखंड के दर्जनों गांवों के लोग आते हैं चुटिया में बाजार करने

अंग्रेजी शासन से ही कैमूर पहाड़ी के ऊपर बसे अधौरा प्रखण्ड के दर्जनों गांव के ग्रामीण आवश्यक जीवनोपयोगी वस्तुओं का खरीद चुटिया के बाजार से ही करते हैं। चुटिया में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। पहाड़ी गांव के लोग आज भी बाजार करने चुटिया आते है । रास्ता बनाया गया था लेकिन 2006 में सेंचुरी क्षेत्र हो जाने के कारण रास्ता बुरी तरह खराब हो गया। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर मरम्मत कराने का प्रयास किया जिससे ट्रैक्टर आने जाने लायक हो पाया।

करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूरी कम तय करनी पड़ेगी

जानकारी के अनुसार खुखमा घाटी का मरम्मत कर दिया जाए तो वाराणसी जाने के लिए क्षेत्र के लोगों को तथा गढवा(झारखंड) जिला के लोगों को करीब डेढ़ सौ किलोमीटर की बचत होगी। खुखमा घाटी के निर्माण से व्यापार में भी काफी वृद्धि होगी। फिलहाल ट्रैक्टर द्वारा अधौरा के ग्रामीण चुटिया बाजार करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन आने जाने में काफी परेशानी होती है। पूर्व विधायक ललन पासवान एवम नौहट्टा प्रखण्ड जदयू अध्यक्ष दीपक कुमार चौबे ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस सड़क का निर्माण कराने का मांग किया है ।

सड़क के जर्जर हो जाने के बाद से लोगों को हो रही काफी परेशानी
पिपराडीह चुटिया में चुना पत्थर खान था। चूना पत्थर ढोने के लिए रोहतास उद्योग समूह द्वारा पिपराडीह चुटिया से डेहरी ऑन सोन तक पत्थर परिवहन करने के लिए मालगाड़ी और सवारी के लिए पैसेंजर ट्रेन चलता था। कैमूर जिला के अधौरा प्रखण्ड के लोग भी चुटिया से पैसेंजर ट्रेन पकड़ कर यात्रा करते थे। तब पहाड़ी गांव के लोगों को काफी सहूलियत मिलता था। जब से यह सड़क जर्जर हो गया है तब से ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों द्वारा कई बार चन्दा एकत्रित कर इस सड़क का जगह जगह मरम्मत भी कराया जाता है, परन्तु हर वर्ष वर्षा ऋतु में सड़क पानी के तेज धार के कारण बह जाता है।

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