भूख हड़ताल पर बैठने की दी चेतावनी:15 साल बाद भी रामपुर पीएचसी को नहीं मिला डीडीओ का प्रभार

भभुआएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सीएस कार्यालय पहुंचे रामपुर पीएचसी कर्मियों ने जताई नाराजगी

जिले के रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी नियमित कर्मियों के वेतन लंबित हैं। भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट झेल रहे एएनएम कर्मी क्षुब्ध होकर शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और नाराजगी जताते हुए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी। इसके बाद महकमे में सरगर्मी बढ़ गई। हालांकि आश्वासन के बाद सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची एएनएम कर्मी मान गई।

बहरहाल इसके पहले ही मानदेय/वेतन नही मिलने की सूचना रामपुर पीएचसी के कार्मिकों ने सिविल सर्जन समेत जिला पदाधिकारी को भी दी थी। तब उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। कर्मियों ने बताया कि 28 अक्टूबर से ही हड़ताल पर रहने की सूचना सिविल सर्जन को दी गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं ली गई। हालांकि तब दिवाली से पहले भुगतान कराने का आश्वासन जरूर दिया गया था। लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
19 कर्मियों ने किया प्रदर्शन
रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के 19 कर्मियों जिनमें एएनएम, क्लर्क, ममता शामिल हैं। इन्हें भुगतान नहीं हो रहा है। चिकित्सकों का भी भुगतान लंबित है। हालांकि प्रदर्शन में वे शामिल नहीं हुए हैं। रामपुर पीएचसी के प्रभारी पदाधिकारी डॉ चंदन कुमार ने कहा कि विभाग और मेरे स्तर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि शीघ्रता से सभी कर्मियों के वेतन भुगतान कराई जाए।

मिली जानकारी के मुताबिक 15 साल पहले ही जिले का रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तित्व में आया। लेकिन डेढ़ दशक बाद भी इस स्वास्थ्य केंद्र को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नहीं मिला। अब तक यह भगवानपुर से ही जुड़कर संचालित होते रहा है। 8 माह पहले कागजी कार्रवाई शुरू हुई। अब नए सत्र से ही पीएचसी में कार्य कर रहे हैं।लेकिन सभी नियमित कर्मियों के वेतन लंबित हैं।

डीडीओ का स्वतंत्र प्रभार नहीं होने के चलते फंसा है पेच
विभाग के जानकारों का कहना है कि रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्ष 2006 से अस्तित्व में आया। यह केंद्र भगवानपुर सीएचसी से अलग कर बनाया गया था। हालांकि इसके बाद वित्तीय कार्य भगवानपुर सीएचसी के जरिए ही किए जा रहे थे। बीते सत्र के बाद रामपुर पीएचसी को स्वतंत्र इकाई बनाने की कवायद शुरू हुई। जिसमें डीडीओ बनाए जाने के लिए भी पत्राचार किया गया। तब से रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी नियमित कर्मियों के वेतन भुगतान लंबित पड़े हैं।

8 माह बाद भी सुस्त कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
यहां उल्लेखनीय है कि पिछले 8 माह पहले ही रामपुर पीएससी के डीडीओ बनाए जाने की कवायद शुरू हुई। लेकिन यह अपने मुकाम पर नहीं पहुंच सका। इतने लंबे समय बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इस लिहाज से विभाग की व्यवस्था पर सवाल होना भी लाजमी है। लोग कह रहे हैं कि विभागीय शिथिलता के चलते डेढ़ दशक में भी स्वास्थ्य संस्थान को पूर्ण रूप से प्रभारी पदाधिकारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नहीं मिल सके थे। इसके चलते कई तरह की परेशानियां बनी हुई है।

यह सभी कर्मचारी पहुंचे थे सीएस कार्यालय
काफी लंबे समय से अटके इस मामले में सीएस कार्यालय के समक्ष मांगों को लेकर पहुंचे लिपिक अजय कुमार यादव, एएनएम श्रीमती कुमारी, रेखा कुमारी, कलावती कुमारी, रंजन कुमारी, अनिता देवी, मंजू कुमारी, मीना कुमारी, रीता कुमारी, चंदनी कुमारी, कुमारी अंजनी, चंदा कुमारी, ऋषि लोदो, ममता अनीता देवी, सविता देवी एएनएम प्रमिला कुमारी, सुकुमारी कुमारी, मीना कुमारी, संध्या कुमारी शामिल रहे।

खबरें और भी हैं...