मजबूरी:बाजार में मात्र 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं बेचने पर किसान मजबूर

भभुआ6 महीने पहले
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संबंधित विभाग कोरोना महामारी के चलते शिथिल पड़ा है,इधर गेंहूं की सरकारी दर पर अब तक खरीदी शुरू नही होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई है। भभुआ प्रखंड इलाके के किसानों में शामिल अकोढ़ी गांव निवासी हरिशंकर तिवारी, कबार गांव के राजू सिंह, सारणपुर के कृपा नारायण सिंह, मोकरी गांव के गुड्डू सिंह इत्यादि दर्जनों किसानों की मानें तो सरकारी दर पर अब तक गेहूं की खरीदी नहीं शुरू होने की वजह से अब उन्हें बिचौलियों और व्यापारियों पर गेहूं बिक्री के लिए आश्रित होने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल तय की गई है, लेकिन खुले बाजार में 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल पर घाटे में गेहूं बेचने पर किसान मजबूर है। गेहूं का समर्थन मूल्य भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। सहकारिता विभाग के आधिकारिक जानकारी के मुताबिक गेहूं अधिप्राप्ति को लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिला है। जिले में इस साल करीब 80000 हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है।

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