पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

गुरुनानक जयंती:गुरुनानक ने दिया था संदेश, ईश्वर हर मानव के अंदर है

भभुआ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • गुरुद्वारा में प्रातः 6 बजे से सुखमनी साहब पाठ, पांच वाणी का पाठ व शब्दकीर्तन व अरदास प्रसाद वितरण किया गया

जगतगुरु श्रीगुरु नानक देव जी महाराज का 551 वां पावन प्रकाशोत्सव पर्व भभुआ स्थित गुरुद्वारा में सिख धर्मावलम्बियों ने मनाया। इस उपलक्ष्य में सोमवार को भभुआ स्थित ऐतिहासिक श्रीगुरु तेग बहादुर जी महाराज गुरुद्वारा में प्रातः 8 बजे से सुखमनी साहब पाठ, पांच वाणी का पाठ व शब्दकीर्तन और अरदास प्रसाद वितरण किया गया। गुरुद्वारा के अध्यक्ष जत्थेदार बाबा राजेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि प्रथम गुरु श्रीगुरुदेव नानक देव जी महाराज का प्रकाश जन्म उस समय हुआ जब कलयुग का आरंभ होने वाला था। चारों तरफ अंधकार फैला हुआ था। लोग छुआछूट, उंच-नीच व बड़ा-छोटा के भेदभाव में फंसे हुए थे। लेकिन, गुरु जी हमेशा एकांत में बैठकर उस परमपिता परमेश्वर को ध्यान में लगे रहते थे।

गुरुनानक देव जी मूर्तिपूजा को निरर्थक माना और हमेशा ही रूढ़ियों और कुसंस्कारों के विरोध में रहें। नानक जी के अनुसार ईश्वर कहीं बाहर नहीं, प्रत्येक मानव के भीतर समाहित है। इस तरह से गुरुनानक जी के विचारों से समाज में परिवर्तन हुआ। इस पर मौके पर माता हरजीत कौर, सत्यदेव सिंह,सरदार अजीत सिंह, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार अजीत सिंह, नरेंद्र आर्य, आनंद जी, गुंजन मल्होत्रा, सदन प्रसाद केसरी, सरदार राम अधीन सिंह, रघुवंश राम, सरदार जोगिंदर सिंह, सरदार मानसिंह आिद लोग थे।

गुरुनानक देव जी ने अनुयायियों को दिये थे दस उपदेश
गुरु नानक देव जी ने अपने अनुयायियों को दस उपदेश दिये थे। गुरुजी ने कहा था कि ईश्वर एक है। ईश्वर की भक्ति करने वाले भयभीत नहीं होते। ईश्वर सब जगह और प्राणी मात्र में मौजूद है। ईमानदारी से और मेहनत से पीछे मत हटो। ज़रूरतमंदों को मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा दान देना चाहिए। मानव हो या फिर पशु किसी का भी बुरा करने के बारे में न हीं ख्याल लाएँ और न ही उसे सताना चाहिए। सदैव प्रसन्न रहना चाहिए। लालच का भाव मन में आ जाए तो उसे त्यागना चाहिए। समाज और घर में स्त्री और पुरुष को एक समान भाव से देखना व बर्ताव करना चाहिए। ऐसा करने से मानव हमेशा खुशहाल और सम्पन्न रहते हैं।

नौकरी से मिले रुपयों को गरीबों में बंटवा दिया था
गुरुद्वारा के अध्यक्ष जत्थेदार बाबा राजेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि गुरुजी का जन्म लाहौर के समीप तलवंडी नामक ग्राम वर्तमान नामकरण शहर में वेदी वंश में 1469 ईसवी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। शैशव अवस्था में इनको साधारण गुरुमुखी संस्कृत तथा फारसी की शिक्षा दी गई। पर मन नहीं लगा तो पिताजी ने गाय चराने को लगा दिया। बाद में मोदीखाने में नौकरी मिली। नौकरी के दौरान कुछ शिकायत के बाद गुरुजी ने नौकरी छोड़ दी। और कहा कि मेरा हिसाब करके जो पैसा निकले वह गरीबों में बाँट दी जाए।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थितियां आपको कई सुअवसर प्रदान करने वाली हैं। इनका भरपूर सम्मान करें। कहीं पूंजी निवेश करने के लिए सोच रहे हैं तो तुरंत कर दीजिए। भाइयों अथवा निकट संबंधी के साथ कुछ लाभकारी योजना...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser