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दो लाइन हेडिंग:क्षेत्रीय भाषाओं के साथ हो हिंदी का विकास क्योंकि भारत हमेशा से बहुभाषी व बहुसंस्कृति वाला देश रहा

भभुआ4 दिन पहले
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हिंदी दिवस के अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों ने लगाए पौधे - Dainik Bhaskar
हिंदी दिवस के अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों ने लगाए पौधे
  • हिन्दी दिवस अवसर पर इसे यादगार स्वरूप बनाने के लिए पर्यावरण प्रेमियों ने रोपे पौधे

हिन्दी दिवस अवसर पर इसे यादगार स्वरूप बनाने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय भभुआ के पर्यावरण प्रेमी शिवम कुमार के नेतृत्व में काॅलेज के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष रवीन्द्र सर के द्वारा पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। हिन्दी केवल भाषा नहीं ये हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान तथा जनमानस की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। जन-जन की भाषा हिंदी में सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की एक अनूठी विशेषता है। इसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रयास और प्रगति के लिए हम सभी हिन्दी प्रेमियों को आगे आना होगा। प्रांतीय भाषाओं के साथ हो हिंदी का विकास क्योंकि भारत हमेशा से बहुभाषी- बहुसंस्कृति वाला देश रहा है। जहां हर दो कोस पर खान-पान, रहन-सहन भाषा बदल जाती हैं। उनके साथ हिंदी का सामंजस्य जरूरी है। हिंदी का रिश्ता नव-संस्कृति विकसित करने के प्रचुर अवसर उपलब्ध है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। राष्ट्र आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।

हिन्दी का वृक्ष तभी बढ़ेगा जब इसकी खरपतवार हटाने के निरंतर प्रयास हो
साथ ही साथ हिन्दी दिवस के अवसर पर यह संकल्प लें कि हम हिन्दी के सर्वागीण विकास के लिए निरन्तर प्रयत्नशील रहेंगे। कहा गया कि हिन्दी का वृक्ष तभी बढ़ेगा जब इसकी खरपतवार हटाने के निरंतर प्रयास हो। इस कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर डाॅ. सीमा सिंह, सोनल सिंह,डॉ. गोपनाथ सिंह, केश्वर प्रसाद भारती, सैय्यद अशहद करीम आदि साथ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनन्या, अदिति, अनामिका, अंशिका, मोहित, शिवम आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें। स्वाभिमान की भाषा है हिन्दी। लोगों ने कहा गर्व से बोलें, पढे़ और लिखें अपनी राष्ट्रभाषा।

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