कैमूर की कातिल सड़कें:2021 में 158 लाेगाें की दुर्घटना में माैत, ताे इस वर्ष अबतक 33 काल के गाल में समाये

भभुआएक वर्ष पहलेलेखक: जितेंद्र कुमार
  • कॉपी लिंक
भभुआ-मोहनिया पथ पर गड्ढे में पलटी बस (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
भभुआ-मोहनिया पथ पर गड्ढे में पलटी बस (फाइल फोटो)

कैमूर जिले की सड़कें कातिल हैं। 2021 में जिले की विभिन्न सड़काें ने 158 लाेगाें की जिंदगियां लील लीं। वहीं इस साल अबतक 33 लाेगाें की जान जा चुकी है। जिले की अलग-अलग सड़क पर हर दिन दुर्घटनाएं हाेती हैं, जिसमें कई बार लाेग गंभीर रूप से घायल हाेकर आजीवन दर्द के साथ जिंदा रहते हैं, ताे कई की जीवनलीला ही समाप्त हाे जाती है। जिला परिवहन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी 2021 से 8 मार्च 2022 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 191 लोगों की मौत हो गई। जबकि इस दौरान 172 लोग घायल हुए हैं। परिवहन कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष 8 मार्च तक 67 दिनों में 33 लोगों की सड़क हादसे में मौतें हुई हैं। यानी हर दिन सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो रही है। जबकि 44 लोग घायल हुए हैं।

जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने बताया है कि भभुआ अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत आठ जगहों को ब्लैक स्पाॅट के रूप में चिह्नित किए गए हैं। जिसमें भभुआ में सारंगपुर मोड, मरिचाव गेट, सोनहन में सिलौटा मोड, आंबेडकर कॉलोनी, बेलाव में बसुहारी मोड, बेलाव बाजार मोड़, करमचट में बगही नहर के पास, आरडी 84 के पास,सबार गांव के समीप, भगवानपुर में भैरोपुर गांव के पास, हनुमान घाटी, अधौरा में धरती माई मोड़ के पास, चैनपुर में परैया मोड़ के पास, हजरा पुल के पास, और चांद में आई लाय मोड़ के पास, चांद नहर पुल के समीप दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र के रूप में चिह्नित किए गए हैं।

इन जगहों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। जबकि मोहनिया अनुमंडल में पांच संभावित दुर्घटना वाले क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।जिसमें मोहनिया के शारदा ब्रजराज उच्च विद्यालय मोहनिया के सामने पटना मोड़, लहुर बारी बहुआरा, दसौती के पास अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। जबकि रामगढ़ में दुर्गावती नदी पुल के पास, नुआंव में पजराव मोड़ के पास कुदरा में पुसौली बाजार मोड़ चिलबिली मोड़ सकरी मोड़ के पास अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। जबकि दुर्गावती के धनेछा मोड़, पिपरी मोड़ भरसीहा मोड़ के समीप दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के रूप में चिन्हित किए गए हैं।

ड्राइविंग के वक्त ना करें मोबाइल का प्रयोग
वाहन ड्राइविंग के वक्त अमूमन ऐसी स्थितियां दिखती हैं की लोग मोबाइल का प्रयोग करते हैं।

जरा सी भी लापरवाही; छीन सकती है जीवन की खुशी

वाहनों की रफ्तार का अवश्य रखें ध्यान वाहन चलाते वक्त रफ्तार पर अनिवार्य रूप से ध्यान रखें क्योंकि तेज रफ्तार अक्सर छोटे-बड़े हादसे की वजह बनते हैं। प्रायः देखा जाता है कि चार पहिया में दोपहिया वाहन तेज रफ्तार चलाए जाते हैं। ऐसे में अचानक से जब कोई वाहन या फिर कोई पशु सामने आ जाता है, रफ्तार पर चालक कमांड नहीं कर पाता इससे दुर्घटनाएं होती हैं।

ड्राइविंग भी हादसे की वजह सड़क दुर्घटना की मुख्य वजहों में ओवरटेकिंग करना और अनट्रेंड लोगों की ड्राइविंग भी कारण बनते हैं। सड़कों पर अक्सर कम उम्र के यानी नाबालिक को देखा जाता है कि वे तेज रफ्तार बाइक व स्कूटी हांकते हैं। उनके पास नहीं ड्राइविंग लाइसेंस होता है ना हेलमेट। ट्रैफिक नियम कहता है कि किसी वाहन को दाई ओर से ओवरटेक करना होता है।

शहर में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भभुआ | इस बाबत एसपी राकेश कुमार ने बताया है कि जिले में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है।इनमें भभुआ में चार पुलिस पदाधिकारियों में शामिल यातायात कार्यालय का प्रभारी जबकि इनके अलावे 3 एएसआई औऱ 4 महिला,5 होमगार्ड और 9 डीएपी जवान समेत कुल 17यातायात पुलिस की तैनाती की गई है।

महत्वपूर्ण हादसों का फ्लैश बैक
4 मार्च 2022 की रात करीब 10 बजे चांद-धरौली पथ पर चांद थानांतर्गत सिहोरिया गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर में एक बाइक पर सवार रहे सामाजिक कार्यकर्ता गंभीर जख्मी हो गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। सड़क दुर्घटना में जान गंवा बैठा बाइक सवार चांद थाना क्षेत्र के बघेला गांव निवासी मनोज राम बताया गया है जो बसपा का कार्यकर्ता था। जबकि हादसे में चांद थाना क्षेत्र के चांद गांव निवासी स्व.जोधा राम के पुत्र अरुण राम बताए गए थे।

2 मार्च 2022 की सुबह करीब 9:30 बजे भभुआ-मोहनिया मुख्य पथ पर मरिचांव गेट के समीप बेलगाम बस ने बाइक सवार को पीछे से टक्कर मार रौंदते हुए गड्ढे में पलट गई। हादसे में एक शिक्षक की दर्दनाक मौत हुई थी जबकि 3 लोग घायल हुए थे। शिक्षक मूल रूप से भभुआ थाना क्षेत्र के मरिचांव गांव निवासी कमला सिंह थे। मालूम हो िक लगातार सड़क दुर्घटना होने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोक कार्यवाही हादसों को रोकने के लिए नहीं की जा रही है।

11 फरवरी 2022 की कुदरा थाना इलाके में दो ट्रकों की आगे-पीछे हुई जोरदार टक्कर में एक ट्रक की केबिन में आग लग गई।हादसे में केबिन में रहे ट्रक ऑनर और ड्राइवर की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।हादसा शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के एनएच-19 पर घटाव आरओबी के पास हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर कुदरा थाना पुलिस थाने से दमकल लेकर और एनएचएआई भी फायर ब्रिगेड की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची।

3 फरवरी 2022 को भाई की शादी का निमंत्रण कार्ड औरंगाबाद से देकर भभुआ थाना क्षेत्र के पलका गांव लौट रहे बाइक सवार युवक को एक बेलगाम ट्रैक्टर ने कुचल दिया। घटना में गंभीर घायल बाइक सवार युवक की मौत हो गई। जबकि साला बाइक से नीचे गिरकर जख्मी हो गया। मृत युवक भभुआ थाना क्षेत्र के पलक का गांव निवासी 30 वर्षीय पुत्र चंदन कुमार था। जबकि उसके साथ रहा 9 वर्षीय साला औरंगाबाद के बड़ेम थाना क्षेत्र के महुआव निवासी बंटी कुमार बताया गया।

ड्राइविंग के वक्त संभल कर चलें
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन चालकों को जिला स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शीघ्र ही जिले में मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के जरिए वाहन चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। लोगों से अपील है कि वाहन चलाते वक्त संभल कर चलें, ओवरलोडिंग और ओवरटेक न करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाएं चार पहिया वाहन चालक भी सीट बेल्ट का प्रयोग करें ताकि वे सुरक्षित रहें। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से जागरूकता अभियान के अलावा वाहनों का प्रशिक्षण दिलाने के लिए कारगर पहल की जा रही है। -रामबाबू, डीटीओ, कैमूर

खबरें और भी हैं...