लापरवाही:निजी वाहनों से आने वाले प्रवासियों की नहीं हो रही जांच

भभुआ6 महीने पहले
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टेम्पो पर सवार होकर आते प्रवासी। - Dainik Bhaskar
टेम्पो पर सवार होकर आते प्रवासी।
  • प्रखंडों में बाहर से आने वालों वाहनों की जांच की नहीं है व्यवस्था, सीधे गांव जा रहे लोग

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जिला प्रशासन लगातार मेहनत कर रहा है।इसका असर शहरी इलाकों में दिख रहा है।इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्थिति सुधरी नहीं है।लॉकडाउन के भय से दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक बस प्राइवेट गाड़ी और ट्रेन के जरिए घर आ रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों में संक्रमण की स्थिति जांचने के लिए रेलवे स्टेशन जिला और अनुमंडल मुख्यालय के बस स्टैंड पर तो कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद प्रखंड स्तर पर ब्सो और प्राइवेट वाहनों के जरिए गांव में पहुंचने वाले लोगों के लिए जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

जिसकी वजह से वस और प्राइवेट वाहनों से पहुंचने वाले लोग सीधे अपने घरों के लिए रवाना हो जा रहे हैं।जिसकी वजह से कोरोना मरीजों को चिन्हित कर उन्हें होम आइसोलेट करने में परेशानी हो रही है। इधर,सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का जिला मुख्यालय में सख्ती के साथ गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह फेल होता नजर आ रहा है।इसके कारण कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता दिख रहा है। जिसकी वजह से कोरोना प्रचंड रूप धारण कर रहा है। यह स्थिति तब है जब एक बार फिर से कोरोना ने अपना प्रकोप गंभीर रूप से दिखाना शुरू कर दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो रही जांच, बढ़ रहे मरीज
कोरोना के नए स्ट्रेन से युवा एवं बच्चे भी गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं।जबकि जिला स्तर से जिले के सभी बाजारों को चिन्हित कर गाइडलाइन का पालन कराने के लिए संबंधित बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष को भी आदेश दिया गया है।ग्रामीण क्षेत्रों में गृह विभाग से जारी किए गए आदेश का शत-प्रतिशत पालन नहीं किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्र में बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूर भी बेखौफ होकर बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। इसके अलावा शादी विवाह और सार्वजनिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है। जिस पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

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