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परेशानी:स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम से ऑनलाइन क्लासेज भी ठप

भभुआएक महीने पहले
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घर में ऑन लाइन पढ़ाई करती छात्रा - Dainik Bhaskar
घर में ऑन लाइन पढ़ाई करती छात्रा
  • दूरदर्शन और ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था नहीं हो पा रही कारगर, घरों में किसी तरह कर रहे पढ़ाई

सरकारी स्कूल के लाखों बच्चों की पढ़ाई शुरू कराने का कोई कारगर उपाय अभी तक नहीं दिख रहा है। बता दें कि जिले में कोरोना के बढ़ते प्रसार पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन आगामी 15 मई तक लागू किया गया है। इधर, विद्यालय कब तक खुलेंगे इस पर भी असमंजस बना हुआ है। उधर, जिले के पहली से बारहवीं तक के सरकारी स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम की व्यवस्था भी नहीं है। जिसके कारण कोरोना काल में संबंधित लाखों बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है। कारण कि कोरोना की वजह से किये गए लॉक डाउन के चलते स्कूल में बच्चों को आने से रोक लगा दिया गया है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों के वर्चुअल क्लासरूम से इंटरनेट के माध्यम से बच्चों को क्लास रूम की तरह घर में पढ़ाई नही कराई जा पा रही है।

अभिभावकों का कहना है कि सरकार और विभाग स्तर पर कोई जमीनी रणनीति अब तक तैयार नहीं होने से जिले के लाखों स्कूली बच्चों की शिक्षा पर ग्रहण लग रहा है। फिलहाल सभी रास्ते बंद दिखाई दे रहे हैं। इधर,वर्चुअल क्लासरूम नहीं रहने से यह सुविधा स्कूल के बच्चों को नहीं मिल पा रही है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास को यदि वर्चुअल क्लासरूम के रूप में विकसित किया जाए तो बच्चों को घर बैठे पढ़ाई का लाभ मिल सकता है। दूरदर्शन पर और ऑनलाइन पढ़ाई भी पूरी तरह बाधित है। वर्चुअल क्लासरूम की व्यवस्था होने से शिक्षक और छात्र एक दूसरे से रूबरू होते। जिससे जो सवाल बच्चों के मन में है, उसका जवाब शिक्षक से पूछ सकते थे। वर्चुअल पढ़ाई के लिए क्लास रूम के साथ कई तरह के सिस्टम लगाने होंगे।स्मार्ट बोर्ड पर जो विषय लिखा जाएगा वह ऑटोमेटिक डिजिटल कंटेंट में बदल जाएगा।

कंटेंट के माध्यम से भी बच्चों की डिजिटल पढ़ाई कराई जा सकती है
वर्चुअल क्लासरूम से ई- कंटेंट के माध्यम से भी बच्चों की डिजिटल पढ़ाई कराई जा सकती है।इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकती है।विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के पाठ को ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसे पेन ड्राइव के सहारे वर्चुअल क्लासरूम से बच्चों तक प्रसारित किया जा सकता है। इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं होने से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत लाखों बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है।

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