खेती किसानी / भभुआ में मोतिहारी से कैमूर पहुंचे रोपना, जिले में धान की रोपनी शुरू

Planting of Kaimur from Motihari in Bhabua, paddy transplantation started in the district
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Planting of Kaimur from Motihari in Bhabua, paddy transplantation started in the district

  • 15 जुलाई तक उम्मीद है कि जिले में लक्ष्य के मुताबिक 80 फीसद से अधिक रोपनी पूरी हो जाएगी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

भभुआ. मानसून के दस्तक देने के बाद अब जिले में धान की रोपनी भी शुरू हो गई है। हालाकी जिले के विभिन्न इलाकों में छिटपुट और साधन संपन्न किसान ही फिलहाल धान की रोपनी में जुटे हैं। बहरहाल जिले में राज्य के दूसरे जिले से रोजगार के लिए रोपना का आना शुरू हो गया है। सोमवार को भभुआ प्रखंड क्षेत्र के सपनावतिया गांव में दर्जनभर से अधिक मोतिहारी जिले से रोपना पहुंचे। यहां धान रोपने का कार्य भी शुरू कर दिए हैं।

किसान व अभियंता सौरभ दुबे ने बताया कि हर साल उत्तरी बिहार से कई मजदूर धान की रोपनी के लिए कैमूर आते हैं। इनका प्रचलन हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ है। क्योंकि धान की रोपनी में ये एक्सपर्ट होते है। बीचड़ा कम खपत करते है। उत्पादन भी अच्छा होता है। जिले को यूं ही धान का कटोरा नहीं कहा जाता। हालांकि यह श्रमिक हर साल धान की रोपनी के लिए कैमूर आते हैं। यह क्रम पिछले कई सालों से लगा है। 
धान की खेती में श्रम लागत बढ़ा
जिले के विभिन्न इलाकों के किसानों की माने तो खेती कार्य घाटे का सौदा साबित हो रही है। क्योंकि कृषि में श्रम लागत अधिक है। मनरेगा जैसी 100 दिन रोजगार की गारंटी वाली स्कीमों में हर दिन 177 रुपए पारिश्रमिक देने का प्रावधान है। खेतों में रोपनी कार्य में लगाए जाने वाले रोपनी 250 रुपए प्रति कार्यदिवस का पारिश्रमिक की मांग कर रहीं है।   बिछड़ा उखाड़ने वह खेत तक पहुंचाने के लिए काम करने वाले श्रमिक 450 से 500 रुपए प्रति कार्य दिवस की पारिश्रमिक मांग रहे हैं।

108000 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य 

जिले में धान की खेती के लक्ष्य के लगभग 90 फीसद हिस्से में रोपाई के लिए बिचड़े लगाए जा चुके हैं। जिले में 1608.9 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों के बीच 1025.50 क्विंटल बीज वितरित भी किए जा चुके हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में 118 क्विंटल अरहर बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 58.68 क्विंटल बीज प्राप्त हुए है। इनमें से 48.92 क्विंटल बीज वितरित कर दी गई है। जिले के विभिन्न हिस्सों में धान की खेती के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विभाग व प्रशासन का मानना है कि जिले में 130000 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। जिसमें से विभाग की ओर से 108000 हेक्टेयर में धान की फसल का आच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। इतनी एरिया में धान की खेती के लिए 10800 हेक्टेयर में धान के बीचडे लगाए जाने का लक्ष्य है। 8425 हेक्टेयर में बिचड़े लगाए भी जा चुके हैं। अब तक धान की रोपनी की शुरू नही है। उम्मीद है कि जुलाई माह के दूसरे सप्ताह से रोपनी शुरू हो जाएगी।

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