कोरोना की मार:निजी स्कूल संचालकों ने सीएम से मांगा आर्थिक मदद

भभुआएक वर्ष पहले
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  • प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा- 25000 स्कूलों व 10 लाख परिजनों को परेशानी

जिला मुख्यालय में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से स्कूल संचालन के लिए विशेष आर्थिक सहायता की मांग की। कहा कि यह सहायता स्कूलों में प्रति छात्र के हिसाब से 1 साल तक की सहायता राशि दी जाए। ताकि स्कूलों का संचालन नियमित तरीके से किया जा सके।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते मार्च महीने से ही प्राइवेट स्कूलों के आय का एकमात्र साधन शिक्षण शुल्क नहीं आ रहा है। बच्चों के अभिभावक भी असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। ऐसे में लॉक डॉन की अवधि में भी ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था निजी स्कूलों द्वारा जारी रखी गई है। शिक्षक जोखिम लेते हुए ऑडियो वीडियो के माध्यम से बच्चों की पठन-पाठन जारी रखे हुए हैं। वैश्विक महामारी  की इस परिस्थिति में शिक्षक, स्कूल प्रबंधन विशेष तनाव में हैं।

कहा - सरकार की ओर से परिवहन शुल्क में छूट दी जाए
मांगे रखते हुए एसोसिएशन ने कहा कि सरकार की ओर से परिवहन शुल्क में छूट दी जाए, इसके साथ ही बैंकों से लिए गए ऋण की ब्याज माफ की जाए। स्कूलों के संचालन में बिल्डिंग का किराया वाहनों की ईएमआई देने में काफी कठिनाई हो रही है। स्कूल संचालकों पर यह दबाव जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में सरकार स्कूल संचालकों को विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।  ताकि स्कूल प्रबंधन इस परिस्थिति में उबर सके। 
एसोसिएशन से 25,000 स्कूल जुड़े हैं
एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि एसोसिएशन से 25,000 स्कूल जुड़े हैं। इन स्कूलों से 1000000 परिजन जुड़े हैं। सरकार सहायता राशि प्रति छात्र के हिसाब से 1 साल तक के लिए उपलब्ध कराए। एसोसिएशन के निर्णय के अनुकूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विशेष अनुरोध किया है। बैठक के दौरान मानव भारती स्कूल के प्राचार्य विकास कुमार पांडेय, आनंद सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, एसएन दुबे, ओंकारनाथ चतुर्वेदी, दुर्गेश तिवारी व कई अन्य मौजूद रहे।

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