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बाढ़ के बने हालात:बढ़ रहा कर्मनाशा,धर्मावती व गोरिया नदी का जलस्तर, चंदेश-कलानी पथ पर छलका डूबा

भभुआएक महीने पहले
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  • पिछले 3 दिनों से रूक-रूक कर हुई बारिश ने बढ़ा दी है नुआंव व सीमावर्ती रामगढ़ के कई गांव के किसानों की मुसीबत

जिले के नुआंव और रामगढ़ प्रखंड इलाके में कर्मनाशा,धर्मावती और गोरिया नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि गोरिया नदी को छोड़ अभी दोनों नदियों यानी धर्मवती और कर्मनाशा का जलस्तर पेट के अंदर है,लेकिन कब नदियां उफान पर हो जाएं कहना मुश्किल है। इधर,मौजूदा हालात यह है कि बरसात के पानी से नुआंव प्रखंड इलाके के पूर्वी क्षेत्र के कई गांव व बधार में भारी जलजमाव हो गया है। दरसअल पिछले 3 दिनों से रुक-रुक कर प्रखंड क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने कई गांव के किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। वहीं अत्यधिक बारिश की वजह से प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली तीनों नदियां उफान पर है।प्रखंड के अंतिम छोर कैमूर रोहतास जिला की सीमा पर बसा कोटा पंचायत का कोटा गांव बारिश की पानी से तीनों तरफ से घिर जाने के कारण बाढ़ सरीखा दृश्य दिखाई दे रहा है। करीब ढाई सौ एकड़ खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं गांव का दक्षिणी छोर को छोड़ तीनों तरफ से बरसात का पानी घेर लिया है।जिसके कारण आवागमन के साथ खेतों में धान का बिचड़ा डूब जाने से किसानी को भी क्षति हुई है।कोटा गांव निवासी व विकास मित्र प्रियेश कुमार ने बताया कि करीब ढाई सौ एकड़ खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं जबकि उनके अलावे गांव के अधिकांश किसानों के धान का बिचड़ा डूब कर बर्बाद हो गए हैं।

कोटा पंचायत का कोटा गांव तीनों तरफ से पानी से घिर जाने से बाढ़ जैसा दृश्य दिखाई दे रहा

कोटा गांव की 3 तरफ जमा हो जाता है पानी| पूरब की ओर से नहर की चाट नदी का नार भागण इत्यादि की सोत से अत्यधिक बारिश होते ही सारा पानी कोटा गांव के तीनों तरफ जमा हो जाता है।इसी पंचायत के गौरा गांव निवासी शिक्षक संजय कुमार ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से गौरा कोटा मार्ग में गौरा छलका पर गुरुवार को घुटना भर पानी चल रहा था।लेकिन रात से पानी थमने के बाद सड़क से पानी नीचे उतर गया है।

एवंती का फतेपुर मौजा भी डूबा| एवंती पंचायत के चपरांग टोला के किसानों की फतेपुर मौजा की आधी सिंचित भूमि डूब गई है।शिक्षक संतोष सिंह ने बताया कि लक्ष्मण दुबे,उदय शंकर दुबे अन्य की लगभग 70 एकड़ सिंचित भूमि डूबने से धान के बिचड़े भी बर्बाद हो गए है। फतेपुर मौजा खाल में यानी (सतह से नीचे) होने से अत्यधिक बारिश से बाढ़ में तब्दील हो गया है।

एक दशक से हो रही पुल बनाने की मांग
सिसौढा-चण्डेश पथ में कलानी-चण्डेश छलका पर पिछले एक दशक से पुल बनाने की मांग जोरदार ढंग से की जा रही है,लेकिन इस पर न शासन का ध्यान है न प्रशासन का।बता दें कि यह इलाका से गोरिया नदी होकर गुजरती है।गोरिया नदी की पेट की गहराई कम होने और यह इलाका काफी नीचे होने के कारण बरसात के दिनों में बराबर आवागमन अवरुद्ध हो जाता है,और दर्जनों गांवों का संपर्क रामगढ़ प्रखंड मुख्यालय से कट जाता है।कारण की लगातार बारिश होते ही नदी व बरसात का पानी आपस में समाहित होकर बाढ़ का रूप ले लेता है।जिसके कारण सड़क पर छाती भर पानी चलने लगता है।और कई गांव का पूरा सिंचित क्षेत्र के भी डूबने से धान का बिचड़ा और रोपनी के बाद फसल डूब कर बर्बाद हो जाती है।यह समस्या हर साल इस क्षेत्र के लोगों के लिए नासूर बनी हुई है।

गोरिया नदी और बरसात के पानी का दिख रहा संगम| उधर, कलानी चण्डेश पथ में नुआंव रामगढ़ की सीमा पर स्थित चंडेश-कलानी छलका पर गोरिया नदी व बरसात के पानी की गठजोड़ से गुरुवार को कमर भर पानी चल रहा था।लेकिन बारिश थमने के बाद पानी के बहाव में कुछ कमी आई है।लेकिन अभी भी छोटी वाहन व पैदल यातायात अवरुद्ध है वहीं बड़ी वाहन आ-जा रही तो जरूर है,लेकिन उनके लिए खतरा बराबर बनी हुई है।जबकि कलानी,चंडेश,ठकुरा और सिझुआ आदि मौजा की एक हजार एकड़ सिंचित भूमि जलमग्न हो बाढ़ का शक्ल ले चुकी है।

रामगढ़-मोहनिया पथ भी अत्यधिक बारिश से प्रभावित| अत्यधिक वारिश से रामगढ़ मोहनिया पथ पर भी कई जगह गुरुवार को पानी चढ़ गया था।हालांकि बारिश थमने के बाद शुक्रवार को पानी सड़क से तेजी से उतर रहा है।गुरुवार को पानापुर,दसौती छलका और चौरसिया छलका पर घुटना से नीचे पानी चल रहा था।

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