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अनदेखी:कथराई पंचायत के वार्ड-4 में एक एकड़ में फैला पोखर का अस्तित्व समाप्ति के कगार पर पहुंचा

भभुआएक महीने पहले
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वार्ड-4 में फैला पोखरा बदहाल। - Dainik Bhaskar
वार्ड-4 में फैला पोखरा बदहाल।

कथराई पंचायत के चार वार्ड में एक एकड़ एरिया में फैला पोखरा जीर्णोद्धार के इंतज़ार में आंसू बहा रहा है। बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे सात निश्चय योजना इस पोखरे के लिए कोई मायने नहीं रख रहा। स्थानीय लोगों की मानें तो इस पर सरकार का ध्यान है और ना ही यहां के जनप्रतिनिधि का जिसकी वजह से यह पोखरा का अस्तित्व हर दिन मिटते जा रहा है। लोगों ने बताया कि इस पोखरे के पानी का 20 साल पूर्व यहां के लोग घरों में इस्तेमाल करते थे । वही मवेशियों को पिलाने के लिए यह अमृत समान था।

पोखरे के निकट भगवान शिव के मंदिर होने की वजह लोग इसमें स्नान कर पूजा अर्चना भी करते थे। यहां तक कि पहले के रिवाजो के अनुसार लोग छठ पूजा के साथ शादी ब्याह के लिए इस पोखरे का इस्तेमाल किया करते थे । हाल के दिनों का आलम यह है कि इस पोखरे से ग्रामीणों के साथ जनता का प्रतिनिधितव करने वाले लोग भी अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना छोड़ आंखे बंद कर ली है । कभी गुलजार व निर्मल जल के साथ लोगो को आनन्दित करने वाला एक एकड़ में फैला पोखरे में जलकुंभी ,व कूड़ा करकट ,जल जमाव, आसपास के लोगो का अतिक्रमण ही रह गया है। आसपास के लोगो द्वारा इसकी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर अपना अधिकार जताया जा रहा है।

स्थानीय बुद्धिजीवी लोगो ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि बाजार के लोगो का दुर्भाग्य की जनता ने जिस विकास कार्य के लिए दुबारा भी कुर्सी पर बैठाया, लेकिन विकास नहीं हो सका । ग्रामीणों ने पोखरे की जमीन को खाली करा वहां पार्क बनाने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों से किया। लेकिन कुछ फायदा नही मिला। मामले को लेकर अंचलाधिकारी सुरेन्द कुमार से बात किया तो उन्होंने बताया कि सरकारी पोखरा तालाब पर किसी का अतिक्रमण बर्दास्त किया जाएगा । वही पोखरे के मिट रहे अस्तित्व को बचाने के लिए कूड़े कचरे को फेकने वालो को चिन्हित कर उसका जीर्णोद्धार कराने को लेकर भेजा जाएगा।

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