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कोर्ट का इंसाफ:ढाई साल के श्रेयांस की हत्या में 45 माह बाद फैसला, दोषी को उम्रकैद व 50 हजार अर्थदंड

भभुआ6 दिन पहले
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बालक श्रेयांश की फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
बालक श्रेयांश की फाइल फोटो
  • रामगढ़ थाना क्षेत्र के जमुरना गांव में बीते 25 दिसंबर 2016 को श्रेयांस को किया गया था अगवा

एक ढाई साल के श्रेयांस की अगवा कर हत्याकांड में करीब 45 माह बाद मंगलवार को अदालत ने दोषी के विरुद्ध फैसला सुनाया है। दोषी को आजीवन कारावास के साथ 50 हज़ार अर्थदंड का फैसला अदालत में सुनाया गया है। दोषी के विरुद्ध फैसला मंगलवार को व्यवहार न्यायालय, भभुआ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार शुक्ल की अदालत में मासूम का अपहरण कर फिरौती के लिए हत्या करने के कांड में जमुरना गांव निवासी तेज नारायण सिंह के पुत्र अजित राज सिंह को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 302,364(ए) भादवि में आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 201 भादवि में 7 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थ दंड का फैसला सुनाया है। बताया गया है कि दोषी के विरुद्ध सभी सजाएं साथ- साथ चलेंगी।न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थ दंड की राशि नही देने पर 2वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

पांच दिन की मोहलत देते हुए छह लाख रुपए फिरौती के रूप में मांग किया गया था
इस वाद के अपर लोक अभियोजक सच्चिदानंद राय ने बताया है कि रामगढ़ थाना कांड संख्या 272/16 में जमुरना गांव के सूचक हितेश कुमार उर्फ पिंकु ने एफआईआर के आवेदन में कहा है कि 25 दिसंबर 2016 को सुबह 8 बजे उनके ढाई वर्षीय पुत्र श्रेयांश का अपहरण कर लिया गया और उसी दिन लगभग 3: 41 बजे शाम को सूचक के मोबाइल नंबर 9955413025 पर मोबाइल नंबर 7250368762 से फोन करके पांच दिन की मोहलत देते हुए छह लाख रुपए फिरौती के रूप में मांग किया गया।पुलिस को इस कि सूचना मिलते ही छानबीन शुरू किया गया।

मासूम के अगवा होने की एफआईआर रामगढ़ थाने में दर्ज थी

बता दें कि ढाई साल के मासूम श्रेयांश के अगवा कर लिए जाने की एफ आई आर रामगढ़ थाने में दर्ज कराई गई थी। रामगढ़ थाने में एफ आई आर का आवेदन देकर हितेश कुमार सिंह उर्फ पिंकू ग्राम जमुरना ने कहा था कि मेरा बच्चा जिसका नाम श्रेयांश है, वह आसमानी सफेद काले रंग का टोपीदार स्वेटर और नीचे लोवर ऊपर से जींस का फुल पैंट पहना हुआ है, 25 दिसंबर को दिन रविवार को सुबह 8:00 बजे से वह लापता है। काफी खोजबीन किया गया, लेकिन कहीं भी पता नहीं चल सका है। मृत मासूम के पिता ने थाने में दिए आवेदन में यह भी कहा था कि घटना के दिन ही 3:41 बजे मोबाइल नंबर 7250368762 से मेरे मोबाइल पर फोन आया और 6 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। साथी 5 दिन का समय भी दिया गया। बताया गया कि पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई थी कि अगले दिन मासूम की लाश पुलिस ने एक खंडहरनुमा घर में लकड़ी की आलमारी के पास से बरामद की।

खंडहरनुमा मकान में आलमीरा के पास मिली श्रेयांश की लाश

अपहरण के दूसरे दिन ही अभियुक्त के घर के बगल में एक खंडहरनुमा मकान में पड़े लकड़ी के आलमीरा के बगल में अपहृत मासूम श्रेयांश की लाश बरामद हुई। लाश के हाथ पैर मुड़े हुए थे और गले पर दबाव का निशान पाया गया।इस अपहरण और हत्या के अनुसंधान में अभियुक्त अजित राज सिंह का नाम सामने आया। जिसमें न्यायालय ने साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई। न्यायालय ने मृत मासूम के पिता को साढ़े तीन लाख रुपये देने के लिए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को आदेशित किया है।

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