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विरोध:स्वास्थ्य संविदाकर्मियों ने लगाया काला बिल्ला

भगवानपुर हाटएक महीने पहले
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वैश्विक संकट में जान की बाजी लगाकर लोगों की सेवा में स्वास्थ्य संविदा कर्मी जुटे हैं। लेकिन इन्हें सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिलने से भविष्य की चिंता सता रही है। स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को सीएचसी भगवानपुर हाट में तैनात स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने अपने मांगों के समर्थन में काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। कोरोना संक्रमण में इन स्वास्थ्य संविदा कर्मीयों की मृत्यु होने पर कोई बीमा नहीं होने से मृत्यु होने के उपरांत कोई राशि नहीं मिलेगी और न ही आश्रित को कोई अनुकम्पा पर नौकरी मिलेगी। स्वास्थ्य प्रबंधक गुलाम रब्बानी ने बताया कि सरकारी कर्मी को कोरोनाकाल में मृत्यु होने पर पचास लाख रुपया, 60 वर्ष तक उसके आश्रित को पूरा वेतन तथा पेंशन, एक आश्रित को नौकरी दी जाएगी। जबकि स्वास्थ्य संविदा कर्मी को इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। 11 मई तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो 11 मई के बाद होम आइसोलेशन में चले जाएंगे। काला बिल्ला लगानेवालाें में डॉ. कुमारी स्मृति सुमन, डॉ वरुण कुमार, फार्मासिस्ट कौशलेंद्र कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, अनूप कुमार ठाकुर, बृजकिशोर प्रसाद, विजय कुमार आदि शामिल थे।

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