दूसरी लहर:तीन शिक्षक समेत 11 की कोरोना से मौत, 374 नए पॉजिटिव मरीज

बिहारशरीफ6 महीने पहले
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चार बजे दुकान बंद होने के बाद सड़क पर पसरा सन्नाटा। - Dainik Bhaskar
चार बजे दुकान बंद होने के बाद सड़क पर पसरा सन्नाटा।
  • जिले में एक्टिव केस की संख्या 3463, मृतकों का आंकड़ा 76
  • संक्रमितों की हिस्ट्री देखी जाए तो अस्पताल पहुंचने के 3-4 दिन के अंदर मौत हो गई है, अधिकांश को सांस लेने में दिक्कत

कोरोना का कहर थमता नही दिख रहा है। गुरुवार को तीन शिक्षक समेत 11 लोगों की कोरोना ने जान ले ली। दूसरी लहर में अब तक 76 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 18 शिक्षक कोरोना के शिकार हुए हैं। 374 नए मरीज मिलने के बाद जिले में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 3463 हो गई है। संक्रमण पर काबू पाने के लिए किए जा रहे सभी प्रयास विफल साबित हो रहा है। अब तक मिले संक्रमितों की हिस्ट्री देखी जाए तो अस्पताल पहुंचने के 3-4 दिन के अंदर मौत हो गई है।
मरीजों की संख्या बढ़ी तो ऑक्सीजन खपत ज्यादा
अधिकांश मरीज सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कोरोना से जंग हारे हैं। मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के बाद ऑक्सीजन की खपत भी काफी बढ़ गई है। बीड़ी श्रमिक अस्पताल स्थित जिस आइसोलेशन सेंटर में मरीज जाना नहीं चाहता था वहां आज बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। सीएस डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण इस स्तर तक पहुंच गया है कि रोकने के लिए सोचना पड़ रहा है। संक्रमण को रोकने से ज्यादा मरीजों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन परिस्थिति ऐसी बन गई है कि सफलता बहुत कम मिल रही है। ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए सभी संस्थागत आइसोलेशन सेंटर में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है। बीड़ी श्रमिक अस्पताल में प्रति दिन 5-10 सिलेंडर ऑक्सीजन खपत हो रही है।

प्रधानाध्यापक की हुई मौत
कोरोना से मरने वालों में तीन शिक्षक भी शामिल हैं। शेखाना कला निवासी 45 वर्षीय जफर अली अंजुम की भी कोरोना से मौत हुई हैं। ये रहुई प्रखंड के मध्य विद्यालय शाहपुर में प्रधानाध्यापक थे। दसवें मृतक पीएल साहु स्कूल के शिक्षक उमेश रविदास हैं। ये हरनौत प्रखंड के पोआरी गांव के रहने वाले थे। लंग्स में इन्फेक्शन का रिपोर्ट आने के बाद 25 अप्रैल को कोविड जांच कराया गया जिसमें पॉजिटिव मिले। 28 अप्रैल को इनकी मौत हो गई। ग्यारहवां मृतक मध्य विद्यालय इसलामपुर के शिक्षक 45 वर्षीय अनील रविदास हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद 24 को विम्स में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 29 अप्रैल को इनकी मौत हो गई।

बीड़ी श्रमिक अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हुई
गुरुवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से तीन शिक्षक समेत 11 लोगों की मौत हुई है। दो लोगो की मौत बीड़ी श्रमिक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। कोरोना से जंग हारने वालों में रहुई प्रखंड के गैबी गांव निवासी 75 वर्षीय कृष्ण मोहन हैं। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। 26 अप्रैल को बीड़ी श्रमिक अस्पताल कोविड केयर सेंटर में भर्ती हुए और 28 की रात्रि इनकी मौत हो गई। दूसरी मौत परबलपुर बाजार निवासी 55 वर्षीय संजय कुमार की है। 22 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद कहीं भर्ती नहीं लिया गया तो 27 अप्रैल को बीड़ी श्रमिक अस्पताल में भर्ती हुए और 28 की रात्रि इनकी मौत हो गई। तीसरी मौत नीरपुर गांव निवासी 38 वर्षीय संजय सुमन की हैं। 28 को जीवन ज्योति में भर्ती हुए थे और 29 को इनकी मौत हो गई। चौथी मौत परवलपुर प्रखंड के सिनावां गांव निवासी 45 वर्षीय नरेश राउत की हुई है। चार दिन पूर्व इनकी जांच हुई थी। जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव थी। गुरूवार को होम आईसोलेशन में ही इनकी मौत हो गई। पांचवा मृतक वेन प्रखंड के सौरे गांव निवासी 38 वर्षीय गुड्‌डु कुमार हैं। अस्पताल प्रभारी ने बताया कि एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ और गुरूवार को होम आईसोलेशन में ही इनकी मौत हो गई। छठी मौत एकंगसराय के पारिख गांव निवासी 46 वर्षीय अरविंद पाण्डेय की है। गुरूवार को विम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। 23 अप्रैल को विम्स में भर्ती हुए थे और 29 को मौत हो गई। सातवें मृतक रेलवे कारखाना हरनौत के कर्मी 35 वर्षीय सत्यजीत राय हैं। संक्रमित होने के बाद अपने गांव सोनपुर चले गए और वहीं इनकी मौत हो गई। आठवां व्यक्ति मथुरिया मुहल्ला निवासी अनील कुमार शर्मा की मौत चोरा बगीचा में हो गई। स्वास्थ्य प्रबंधक हेमंत कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति का फोन आया था कि कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। इसके बाद एम्बुलेंस भेजा गया और प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार किया गया।

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