घर में रोजगार:4378 प्रवासियों को मिला रोजगार, सबसे अधिक मनरेगा में

बिहारशरीफएक वर्ष पहले
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रोजगार सृजन को लेकर बैठक करते जिलाधिकारी। - Dainik Bhaskar
रोजगार सृजन को लेकर बैठक करते जिलाधिकारी।
  • अधिक से अधिक इच्छुक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं के माध्यम से प्रयास किए जा रहे

बाहर से आए लोगों को उनकी मांग पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इन्हें उनकी स्किल के अनुसार रोजगार दिया जा रहा है। ऐसे लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा साधन मनरेगा बना है। सबसे ज्यादा लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया है। इसके अलावा भी अधिक से अधिक इच्छुक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं।

अब तक 4378 इच्छुक श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं और एजेंसी के माध्यम से जिले में  रोजगार उपलब्ध कराया गया है।इनमें से 4125 श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है। शेष 253 श्रमिकों को अन्य योजनाओं अथवा एजेंसी के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

डीएम ने की समीक्षा| बाहर से आये कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिले में किये जा रहे कार्यों की मंगलवार को डीएम योगेंद्र सिंह ने समीक्षा की। उन्होंने बताया कि बाहर से लौटे श्रमिकों  की सहायता के लिए जिला निबंधन -सह- परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) में काउंसलिंग सेंटर बनाया गया है। जहां से रोजगार के लिए इच्छुक श्रमिक  रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दूरभाष संख्या 7061683337 के माध्यम से भी कार्य दिवस की  कार्यालय अवधि में इच्छुक श्रमिक रोजगार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

संपर्क करने का निर्देश
डीएम ने जिला योजना पदाधिकारी एवं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक  को जिला स्तरीय काउंसलिंग सेंटर के माध्यम से सभी श्रमिकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित करने का निर्देश दिया  है। साथ ही इन्हें किसी तरह के रोजगार के लिए इच्छुक श्रमिकों को संबंधित योजना अथवा  एजेंसी के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करने को भी  कहा है।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को कहा गया है कि वह रोज सभी कार्यकारी एजेंसियों से संवाद स्थापित कर उनकी श्रमिकों की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी लेकर उपयुक्त श्रेणी के इच्छुक श्रमिकों की सेवा उपलब्ध कराएं। श्रमिकों के किए गए स्किल मैपिंग के आधार पर लकड़ी से संबंधित कार्य तथा अन्य उपयुक्त कार्य के लिए उपयुक्त स्थल पर क्लस्टर के विकास का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

इच्छुक को फाइनेंस की सुविधा भी मिलेगी
अपना रोजगार करने के इच्छुक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  एवं अन्य बैंक पोषित  योजनाओं  के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए उपयुक्त प्रोजेक्ट का वित्तपोषण  सुनिश्चित कराने का निर्देश  एलडीएम को दिया है। बैठक में उप विकास आयुक्त राकेश कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला योजना पदाधिकारी, एलडीएम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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