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जानलेवा कोरोना:अधिवक्ता और फिल्म निर्माता समेत 6 लोगों की मौत, डीएम की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव

बिहारशरीफएक महीने पहले
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  • जिले में वायरस की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो रही है, अबतक 118 लोगों की गई जान

जिले में कोरोना वायरस की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो रही है। कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी से दहशत का माहौल बन गया है। लगाई जा रही पाबंदियाें के बावजूद मामूली गिरावट दिख रही है। गुरुवार को अधिवक्ता और फिल्म निर्माता एसके अमृत समेत छह लोगो की कोरोना से मौत हो जाने के बाद दूसरी लहर में अब तक 118 लोगों की जान चली गई है। बड़ी पहाड़ी निवासी अधिवक्ता अशोक यादव की इलाज के दौरान कोरोना से मौत हो गई। परिजन झुलन यादव अधिवक्ता ने बताया कि 12 दिन पहले विम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाया गया। लेकिन हॉस्पीटल पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। जिले के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर व आॅक्सीजन की किल्लत हो रही है।

संक्रमण को रोकने के लिए लगाई जा रही पाबंदियाें के बावजूद मामूली गिरावट दिख रही है

आने वाले अधिकांश मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम
विम्स ही नहीं बीड़ी श्रमिक अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भी मरने वालों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। प्रति दिन 2-3 मरीज की मौत हो रही है। अब तक यहां करीब 16 लोगों की मौत हो चुकी है। नोडल पदाधिकारी डॉ. वीणा प्रभा ने बताई कि यहां मरीजों की मौत का सबसे बड़ा कारण है कि जो भी मरीज आ रहे हैं उनका ऑक्सीजन लेवल कम रहने के साथ-साथ सांस लेने में भी तकलीफ की शिकायत रहती है। जबकि कोविड केयर सेंटर कोरोना के सामान्य मरीजों के लिए है। लेकिन अस्पतालों में जगह नहीं मिलने के कारण लोग यहां भर्ती हो रहे हैं। हालांकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। पूरी कोशिश रहती है कि मरीज यहां से ठीक होकर जाए।

मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल
मरने वालों में दो महिला भी शामिल है। कोरोना से मरने वालों में छोटी पहाड़ी निवासी 55 वर्षीय एसके अमृत को गंभीर अवस्था में विम्स में 1 मई को भर्ती कराया गया था। 6 मई की सुबह वह काेरोना से जंग हार गए। वहीं बिहारशरीफ बीड़ी श्रमिक अस्पताल में बने कोविड केयर सेंटर में दो लोगों की मौत हुई है। अस्थावां के डुमरावां गांव निवासी 60 वर्षीया मोइना खातून की मौत सुबह हो गई। हिलसा के लोहंडा गांव के 50 वर्षीय शिव नारायण प्रसाद की मौत भी बुधवार की सुबह हो गई। 24 अप्रैल को उन्हें बीड़ी श्रमिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसलामपुर के बड़ाय गांव निवासी 70 वर्षीया सुमित्रा देवी की की मौत निजी अस्पताल में हो गयी। हिलसा के घुड़कुर गांव निवासी 45 वर्षीय सुधीर केवट की मौत इलाज के लिए ले जाने के क्रम में कुर्मिया बिगहा के समीप हो गयी। तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन उन्हें हिलसा ले जा रहे थे।

जिलाधिकारी डटे हैं काम पर, पत्नी भी हैं संक्रमित

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने के बावजूद डीएम पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं हुए हैं। क्वारेंटाइन अवधि से अधिक समय 18 दिन बाद भी दोबारा जांच करने के बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। साथ ही उनकी पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव हैं। वे 15 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुए थे। दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी वह काम पर डटे हैं। कोरोना संबंधित व अन्य विभागीय कार्यो को लेकर लगातार अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर दिशा निर्देश दे रहे हैं। साथ ही संक्रमित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। उनका यह जज्बा दूसरे संक्रमित लोगों के लिए प्रेरणादायी है। जहां लोग पॉजिटिव होने के बाद भय के साए में जीते हैं वहीं डीएम पॉजिटिव होने के बाद भी अपने जिम्मेवारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

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