कोरोना का कहर:कोरोना से मौत के बाद 14 घंटे तक पड़ा रहा शव, प्लािस्टक लपेटकर दिया कंधा

परबलपुर6 महीने पहले
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  • विधायक से भी नहीं मिली मदद फोन उठाने वाले ने कहा-मंत्री जी कवारेन्टीन हैं, सीएस का नम्बर बंद
  • पीपीई किट के लिए गुहार अनसुनी, न सरकारी बाबू पहुंचे ,न ही कोई मदद की

कोरोना से मौत ही नहीं सिस्टम की संवेदनहीनता भी परेशान करने वाली है। प्रशासनिक स्तर न तो कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था है और न इतनी संवेदनशीलता है कि अंतिम संस्कार करने वालों की संक्रमण से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रखंड क्षेत्र के सिनावां गांव में मौत के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए एक शव को 14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। गांव के 60 वर्षीय नरेश राउत की मौत कोरोना से हो गयी थी। पीपीई किट नही मिला तो प्लास्टिक खरीद कर अपने शरीर में लपेट लिया और अंत्येिष्ट की।

अंतिम संस्कार के लिए सामाजिक कार्यकर्ता आए आगे
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय विधायक से भी मदद मांगी। जिले के मंत्री से बात करने की कोशिश की। फोन किसी और ने रिसीव किया। बताया मंत्री जी कवारेन्टीन है। सिविल सर्जन का मोबाइल बंद था। अधिक गर्मी से शव की स्थिति भी खराब होने लगी थी। इसके बाद गुरुवार की दोपहर आधा दर्जन सामाजिक कार्यकर्ता जुटे और खुद को सेनेटाइज कर व मास्क लगा कर गांव के ही श्मशान घाट में शव का दाह संस्कार कर दिया। इनलोगों ने बाजार से प्लास्टिक खरीद कर शरीर में लपेट लिया।

ऑक्सीजन की कमी : तीन दिन पूर्व कराई थी जांच
सामाजिक कार्यकर्ता वाल्मीकि यादव ने बताया कि 60 साल के नरेश राउत ने तीन दिन पूर्व एकंगरसराय जाकर कोरोना जांच करायी थी। दो दिन बाद मंगलवार को मोबाइल पर पॉजिटिव होने का मैसेज आया था। बुधवार की देर रात्रि में ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गयी।

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