शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का खुलासा:शिक्षक नियोजन में डीसीएलआर ने जांच में गड़बड़ी पकड़ी कम अंक वाले अभ्यर्थी का कर लिया गया है नियोजन

बिहारशरीफ़5 दिन पहले
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  • बीडीओ ने काउंसिलिंग निरस्त करने का दिया प्रस्ताव, डीईओ ने वर्ग 1-5 की काउंसिलिंग को किया रद्द

शिक्षक नियोजन में बड़े पैमाने पर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा धीरे-धीरे हो रहा है। अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद डीएम ने शिक्षक नियोजन से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए अनुमंडल स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया था। जांच में गड़बड़ी की शिकायत सही पाई गई। जिसके बार काउंसलिंग रद्द कर दिया गया है। बता दें कि अभ्यर्थियों ने कतरीसराय प्रखंड के लिए 10 अगस्त को 1-5 कक्षा के लिए हुई काउंसलिंग में जमकर धांधली की शिकायत की थी। काउंसलिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने के मामले में रोस्टर को ताक पर रख काउंसलिंग व चयन करने का आरोप है। काउंसलिंग के दौरान औपबंधिक तथा अंतिम मेधा सूची में अंकों का फर्जीवाड़ा कर काउंसलिंग कराया गया। अभ्यर्थी कंचन कुमारी ने गलत तरीके से कम अंक वाले अभ्यर्थी माधवी सहगल का नियोजन किए जाने को लेकर आवेदन दिया था। अनुमंडल स्तरीय जांच समिति ने डीसीएलआर को जांच करने की जिम्मेवारी सौंपी गई। डीईओ केशव प्रसाद ने बताया कि जांच में माधवी सहगल का नियोजन गलत तरीके से किया गया है। बीडीओ कतरीसराय ने मामला संज्ञान में आने के बाद डीईओ को काउंसलिंग रद्द करने का प्रस्ताव दिया। डीईओ ने 10 अगस्त को कक्षा 1-5 (सामान्य) के लिए की गई काउंसलिंग को रद्द कर दिया है।

माधवी सहगल का चयन गलत तरीके से किया गया

डीसीएलआर राजगीर ने अपने जांच प्रतिवेदन में कहा है कि माधवी सहगल का चयन गलत तरीके से किया गया है। जांच के क्रम में पाया कि नियोजन इकाई द्वारा बिना अनुमोदित मेधा सूची से अभ्यर्थियों का काउंसलिंग कराया गया है। अनुमोदित मेधा सूची को दीवार पर चिपकाया गया था। अभ्यर्थियों का नाम पुकारने में दूसरा मेधा सूची का उपयोग किया गया है। साथ ही अनुमोदित मेधा सूची में मेधा अंक के अनुसार अभ्यर्थियों का नाम अंकित नहीं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार 10 अगस्त को हुई काउंसलिंग का सीडी देखने से स्पष्ट हुआ है कि मेधा क्रमांक 125 के बाद अभ्यर्थियों का नाम अनियमित तरीके से पुकारा गया है। विडियोग्राफी देखने से स्पष्ट है कि माधवी सहगल जिनका चयन किया गया है,का नाम पुकारने के पहले से ही काउंसलिंग रूम में बैठी पायी गयी है। ईबीसी कोटि के अभ्यर्थियों का नाम पुकारने की प्रक्रिया विडियोग्राफी में स्पष्ट नहीं है। शिकायतकर्त्ता कंचन कुमारी (मेधा अंक 66.90)विडियोग्राफी में काउंसलिंग के लिए उपस्थित पायी गयी। लेकिन इनसे कम मेधा अंक(62.82) वाले अभ्यर्थी माधवी सहगल को आर एफ़ कोटि में चयन किया गया। जो नियम के विरुद्ध है।

विभाग खुद जांच के घेरे में
विभाग ने इन अभ्यर्थियों का एनआईसी पर पहले औपबंधिक मेधा सूची जारी किया था। इसके बाद अंतिम मेधा सूची प्रकाशित किया गया था। इनमें अभ्यर्थियों के अंकों में साफ अंतर दिख रहा है। ये सभी काम जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा से किया जाता है। इतने से भी विभाग के कर्मियों का मन नहीं भरा तो उन्होने अंत में राज्य के विभागीय साइट पर अभ्यर्थियों का ऑरिजनल नम्बर चढ़ा दिया । जिससे विभाग अपने ही जाल में फंसता जा रहा है। इससे साफ होता है कि कर्मियों की मिलीभगत से शिक्षक नियोजन में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है।

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